अगरिया जनजाति : हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारा गौरव अगरिया जनजाति भारत की महत्वपूर्ण आदिवासी समुदायों में से एक है। मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों की सरकारी सूची में अगरिया (Agariya) का नाम शामिल है। अगरिया समाज की पहचान उसकी समृद्ध सामाजिक परंपराओं, प्रकृति से जुड़े जीवन-मूल्यों, लोक संस्कृति और विशेष रूप से पारंपरिक लौह-प्रगलन की विरासत से जुड़ी रही है। पीढ़ियों से लौह अयस्क से लोहे के निर्माण की पारंपरिक जानकारी अगरिया समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। लौह प्रगलन : अगरिया समाज की गौरवशाली विरासत अगरिया समुदाय की सबसे विशिष्ट पहचान उसकी पारंपरिक लौह-प्रगलन परंपरा है। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और पीढ़ियों से विकसित तकनीकी समझ के आधार पर लौह अयस्क से उपयोगी लोहा तैयार करने की परंपरा ने अगरिया समाज को एक विशिष्ट पहचान दी। यह केवल लोहे के निर्माण की तकनीक नहीं थी, बल्कि इसमें स्थानीय ज्ञान, प्रकृति की समझ, श्रम, कौशल और सामुदायिक परंपरा का समन्वय दिखाई देता है। इसी गौरवशाली विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अगरि...
जिला उमरिया मध्यप्रदेश मे लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम अंतर्गत माह मार्च 2023 की मीटिंग संपन्न हुई ll दिनांक 26/03/2023 को ll
जिला उमरिया मध्यप्रदेश मे लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम अंतर्गत माह मार्च 2023 की मीटिंग संपन्न हुई ll दिनांक 26/03/2023 को ll संगठन द्वारा अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम पूरे भारत स्तर पर चलाया जा रहा हैं इस अभियान अंतर्गत संगठन से जुड़े सभी राज्यों के प्रत्येक जिले मे मार्च माह मे पिछले दो साल से अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम अंतर्गत मीटिंग का आयोजन किया जा रहा हैं इस अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय संगठन द्वारा प्रत्येक जिले के लिए नोडल कार्यकर्त्ता की नियुक्ति अन्य जिलों से किया गया था तथा समाज के उत्थान विकास हेतु संगठन द्वारा एजेंडा प्रारूप एवं शपथ प्रारूप प्रत्येक जिले को माननीय नोडल महोदय को दिया गया था जो जिले मे जाकर संगठन के अजेंडा को उपस्थित समस्त स्वजातीय बंधुओ के बीच पढ़ेंगे एवं संगठन के उद्देश्य तथा संगठन द्वारा समाज के लिए क्या मुहीम चलाया जा रहा हैं उक्त सारी बातो से अवगत करायेगे तथा कार्यक्रम के अंतिम मे उपस्थित समस्त स्वजातीय बंधुओ को संगठित समाज के निर्माण हेतु शपथ ग्...