💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
शहडोल मध्यप्रदेश मे अगरिया जोड़ो अभियान सम्पन्न ll फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर शहडोल पहुचे जागरूक करने समाज को दिनांक 17.07.2024
लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास की संस्था है जिसका उद्देश्य अगरिया जनजाति समाज को संगठित करना, अगरिया जनजाति समाज का संरक्षण, संस्कृति का संरक्षण करना है, ऐसे कई उद्देश्य को लेकर संस्था कार्य कर रहा है ll समाज के उत्थान विकास के लिए भी संस्था द्वारा कई गतिविधिया एवं योजनाये बनाये गए है ll उद्देश्ययों को अगरिया जन समुदाय तक पहुंचाने एवं संस्था से लोगो को जोड़ने के लिए फाउंडेशन द्वारा हर साल अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन माह मार्च अप्रैल मे किया जाता है कार्यक्रम मे फाउंडेशन के एजेंडा का वाचन किया जाता है नियुक्त नोडल कार्यकर्त्ता अधिकारी की उपस्थिति मे ll अगरिया जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन जिलाध्यक्ष गनपत अगरिया एवं शहडोल जिला समिति के सफल आयोजन मे जिला शहडोल मध्यप्रदेश मे दिनांक 17.07.2024 को जहा फाउंडेशन द्वारा नियुक्त नोडल श्री माखन लाल अगरिया श्री मयाराम अगरिया (अनूपपुर) रहे जिनके उपस्थिति मे कार्यक्रम का सम्पन्न हुआ ll माखन अगरिया (नोडल कार्यकर्त्ता) द्वारा फाउंडेशन द्वारा एजेंडा का विधिवत विश्लेषण किया गया औ...