💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
8000 से 10000 रुपये आपको भी मिल सकता है यदि आप अगरिया समाज के है llविवाह सहायता मिला अगरिया परिवार को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा
लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के "मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज विवाह सहायता योजना अंतर्गत" सिंगरौली मप्र जिला निवासी कार्यकर्त्ता को उनके पुत्र एवं पुत्री के विवाह पर विवाह सहयोग राशि फाउंडेशन द्वारा दिया गया ll श्री बंश लाल अगरिया जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश निवासी जिनके पुत्र एवं पुत्री का विवाह दिनांक 25/04/2024 एवं 26/04/2024 को उनके निज निवास स्थान जिला सिंगरौली मे होना तय हुआ था जो मध्यम वर्गीय परिवार से है श्री बंशलाल अगरिया जी द्वारा लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन संस्था से विवाह मे मदद हेतु सहयोग राशि की अपील किये थे ll उक्त मांग को ध्यान देते हुए फाउंडेशन द्वारा श्री बंशलाल अगरिया जी एवं उनके परिवार को विवाह सहायता राशि 8700/- रुपये प्रदान किया गया ये राशि जिला सिंगरौली जिलाध्यक्ष के माध्यम से दिया गया जो वहां उपस्थित होकर जिलाकार्यकर्ताओ के साथ परिवार को उपस्थित स्वजातीय बंधुओ के बीच प्रदान किये ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन सम्पूर्ण भारत के अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास का मंच है जहाँ फाउंडेशन द्वारा समाज के...