💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
ज़िला कोरिया छ्ग ग्राम - बर्दिया मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम 2025 सम्पन्न लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे
ज़िला इकाई कोरिया छत्तीसगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम 2025 लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे दिनांक - 01/06/2025 दिन रविवार को 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 दिनांक 01/06/2025 को ज़िला कोरिया छत्तीसगढ़ के ग्राम - बर्दिया मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम सत्र -2025 का संपन्न हुआ ll अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष फाउंडेशन से जुड़े सभी जिलों मे माह - मार्च से अप्रैल माह मे संपन्न होता है, लेकिन यदि किन्ही कारण वश कोई ज़िला इस कार्यक्रम को निर्धारित माहऐ सम्पन्न नहीं करा पाता है तो उसे ज़िला वासी मई -जून माह मे भी सम्पन्न करा सकते है ll फाउंडेशन संस्थापक / मैनेजिंग डायरेक्टर DASHRATH PRASAD AGARIYA जी का कहना है अगरिया जोड़ो अभियान कार्यक्रम लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुहीम आंदोलन है जिसका उद्देश्य जिलों जिलों के अगरिया जनजाति समाज को लौह