💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
माननीय दिलीप जायसवाल जी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ग्रामोद्योग एवं कुटीर विभाग म.प्र शासन जी से मुलाक़ात किये ll अगरिया जनजाति की समस्याओ के सम्बन्ध मे चर्चा तथा लौ. प्र अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के 5वे स्थापना दिवस पर मंत्री जो को आमंत्रित किया गया ll
कोतमा अनूपपुर :-आज दिनांक 10.11.2024 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के फाउंडर (मैनेजिंग डायरेक्टर) दशरथ प्रसाद अगरिया जी एवं उनकी टीम मध्यप्रदेश के राज्य मंत्री माननीय दिलीप जायसवाल जी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ग्रामोद्योग एवं कुटीर विभाग मध्यप्रदेश शाशन से खास मुलाक़ात किये और अगरिया जनजाति समाज की समस्याओ एवं फाउंडेशन के मुद्दों को लेकर खास चर्चा हुआ ll निम्न बिन्दुओ को लेकर बाते हुयी :- 1. अगरिया जनजाति समाज जो की आज शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी एवं सामाजिक स्तर से पिछड़ा हुआ समाज है, समाज के स्तर को बेहतर बनाने के लिए ज़िला अनूपपुर मध्यप्रदेश मे अगरिया आदिवासी समाज हेतु लगभग 800-1000 की क्षमता के भवन निर्माण हेतु शासकीय भूमि लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नाम आवंटित किये जाने को लेकर मांग किया गया जहा अगरिया जनजाति समाज की समस्याओ एवं स्तर को बेहतर बनाने के लिए बैठ कर विचार विमर्श किया जा सके मांग रखा गया ll 2. अगरिया जनजाति समाज के स्तर को अन्य समाज के स्तर मे लाने एवं समाज को शिक्षा, नौकरी एवं व्यसायिक स्तर पर बेहतर बनाने के लिए, तथा अगरिया...