अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...
15 नवंबर को फाउंडेशन का चौथा स्थापना दिवस 2023 कहाँ और कैसे मनाया जाना है गाइडलाइन जारी लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा ll
लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का स्थापना दिवस कब और कैसे मनाया जाना है फाउंडेशन द्वारा गाइड लाइन जारी कर दी गयी है ll आपको बता दे लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का (निर्माण )स्थापना दिनांक 15 नवंबर 2019 को हुआ था जिसका उद्देश्य अगरिया जनजाति समाज को संरक्षित करना संस्कृति को संरक्षित करना, संगठित समाज का निर्माण सम्पूर्ण भारत स्तर पर करना,शिक्षा, नशा मुक्ति, सहयोग, एवं अगरिया समाज के सम्पूर्ण उत्थान विकास को लेकर कई उद्देश्य के तहत फाउंडेशन कार्य कर रहा है ll उक्त कई वर्षो से फाउंडेशन लगातार अगरिया समाज के अस्तित्व की प्राप्ति हेतु प्रयास करता चला आ रहा है ll फाउंडेशन सफलता पूर्वक 3 वर्ष पूरा कर चुका ll अब आने वाले 15 नवंबर 2023 को संगठन का चौथा स्थापना दिवस मनाया जाना है जिसके सम्बन्ध मे संगठन ने गाइड लाइन जारी कर दिया है की कहाँ,कैसे, किस प्रकार फाउंडेशन का स्थापना दिवस मनाया जाना है ll फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ अगरिया द्वारा जानकारी दी गयी की फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस जो 15 नवंबर 2023 को मनाया जाना है उसको अगरिया जनजाति के गौरव दिवस के रूप मे मनाय...