अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...
ग्राम कुड़की कबीरधाम छत्तीशगढ़ मे संगठन कोर लीडर अन्नू अगरिया की उपस्थिति मे अगरिया समाज जनजागरूकता कार्यक्रम हुआ ll
ग्राम कुड़की कबीरधाम छत्तीशगढ़ मे संगठन कोर लीडर अन्नू अगरिया की उपस्थिति मे अगरिया समाज जनजागरूकता कार्यक्रम हुआ ll 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन आज सम्पूर्ण भारत स्तर पर अगरिया समाज का एक मंच बनाने की तैयारी कर रहा हैं जिसके लिए लगातार संगठन के उद्देश्य को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास अगरिया समाज जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा हैं ll जहा संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकार्यकर्ताओ द्वारा अगरिया समाज जन मानस तक पहुंच कर लोगो को जागरूक करने का प्रयास का रहे हैं ll ऐसा ही कार्यक्रम जिला कबीर धाम के ग्राम कुड़की मे दिनांक 28/01/2023 को आयोजित हुआ ll जहा संगठन के कोर सदस्य श्री अन्नू धुर्वे जी अगरिया समाज जनमानस को सम्बोधित करने अपनी टीम के साथ पहुंचे और संगठन के उद्देश्यों से परिचित कराते हुए संगठन को मजबूत बनाने एवं अगरिया समाज को उसके अस्तित्व प्राप्ति के लिए संगठन से लोगो को जुड़कर संगठन के उद्देश्य से समाज मे जागरूकता लाने पर चर्चा किये ll राष्ट्रीय कोर सदस्य श्री अन्नू अगरिया जी ...