अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...
सामान्य ज्ञान 1 - भारत की अंतरिम संसद में कितने सदस्य थे - उत्तर - 296 2 -किस अधिनियम में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक नामक पद का सुझाव (वैधानिक दर्जा ) दिया गया था। उत्तर -1919 के अधिनियम में 3 -भारत का राष्ट्रगान सर्वप्रथम कब और कहा गाया गया था। उत्तर -27 दिसंबर 1911 को कलकत्ता में 4 -भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में डॉ राजेंद्र प्रसाद का चुनाव किया गया था - उत्तर -संविधान द्वारा 5 -भारत की संविधान सभा गठित करने का आधार क्या था - उत्तर -कैबिनेट मिशन प्लान , 1946 6 -किस अधिनियम के अंतर्गत भारतीय विधान परिषद् को बजट पर बहस करने की शक्ति प्राप्त हुई - उत्तर - भारतीय परिषद् अधिनियम ,, 1892 7 -भारतीय संविधान के किस अधिनियम ढांचे को स्वीकार किया गया है - उत्तर - भारत शासन अधिनियम 1935 8 -संवैधानिक विकास , लोक सेवा विकास तथा संस्थाओ का विकास भारत में किसके शाशन काल में हुआ। उत्तर -ब्रिटिश शासन काल में 9 -रेग्युलेटिंग एक्ट कब पारित किया गया - उत्तर -वर्ष 1973 में 10 -संविध...