🔥 ⛏️ अगरिया जनजाति: भारत की प्राचीन लौह वैज्ञानिक एवं आदिम आदिवासी विरासत ⛏️🔥 🙏 सेवा जोहार साथियों! अगरिया जनजाति भारत की एक प्राचीन, वैज्ञानिक एवं गौरवशाली आदिम आदिवासी जनजाति है, जो मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी एवं सिंगरौली जिलों सहित छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में निवास करती है। "अगरिया" शब्द की उत्पत्ति "आग" अथवा "अग्नि" से मानी जाती है, क्योंकि इस समाज का जीवन, संस्कृति और परंपराएँ आग की भट्टी तथा लोहे के इर्द-गिर्द विकसित हुई हैं। ⚒️ भारत के प्राचीन लौह शिल्पकार अगरिया समाज को भारत के सबसे प्राचीन धातुकार समुदायों में गिना जाता है। हमारे पूर्वज जंगलों और पहाड़ियों से लौह अयस्क एकत्रित कर मिट्टी की पारंपरिक भट्टियों एवं लकड़ी की धौंकनी (फुकनी) की सहायता से शुद्ध लोहा तैयार करते थे। 🔸 हल का फाल 🔸 कुल्हाड़ी 🔸 हांसिया 🔸 कृषि एवं दैनिक उपयोग के अनेक औजार इनके द्वारा निर्मित औजार अपनी मजबूती और टिकाऊपन के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। 🔥 लोहासुर देव: हमारे आराध्य अगरिया समाज के प्रमुख द...
अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम अंतर्गत ज़िला रायगढ़ छत्तीसगढ़ मे ज़िला स्तर की स्थानीय बैठक संपन्न हुई ll
अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न रायगढ़ ज़िला मे ll दिनांक - 21/12/2025 दिन रविवार को ll 👇 लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे जिलों जिलों मे "अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम"फाउंडेशन से जुड़े सभी राज्यों के जिलों जिलों मे चलाया जा रहा है ll "अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम का आरम्भ 15 नवंबर अगरिया जनजाति गौरव दिवस ( फाउंडेशन 6वा स्थापना दिवस) से किया गया है ll जिसका मुख्य उद्देश्य फाउंडेशन द्वारा समाज के उत्थान विकास मे चलाये जा रहे मुख्य गतिविधियों को समाज के अंतिम छोर मे पहुँचाना जिससे समाज का हर स्वजातीय बंधु ये समझ सके की लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन समाज के उत्थान विकास के लिए सतत कार्यरत है और समाज से सम्बंधित सभी प्रकार की समस्याओ के लिए संस्था सतत कार्य कर रहा है ll इसके अलावा फाउंडेशन के इस अभियान का उद्देश्य जिले मे फाउंडेशन को मजबूत बनाना है ll इस अभियान को समाज के लिए लाने का एक मकसद ये भी था की जो कार्यकर्त्ता संस्था से जुड़े है उनको संस्था द्वारा समाज के लिए चलाये जा रहे सभी योजनाओ की जा...