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राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी) राजा लौहगुंडी:-अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक

💥   राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के  नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...

अगरिया जनजाति समाज का राष्ट्रीय कार्यक्रम सम्पन्न हुआ 15.11.2024 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का पांचवा स्थापना दिवस ll

अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास का संस्था लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का पांचवा स्थापना दिवस 15.11.2024 को कोतमा कुशा भाऊ ठाकरे मंगल भवन मे सम्पन्न हुआ ll कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया समाज के बच्चे एवं बच्चियों ने बहुत ही सुन्दर आदिवासी गाने एवं अगरिया समाज गीत पर नृत्य प्रस्तुत किये ll  संस्था के फाउंडर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया द्वारा बताया गया की संस्था का मुख्य उद्देश्य अगरिया जनजाति के स्तर को , आर्थिक, शैक्षिक एवं सामाजिक स्तर से मजबूत बनाना है ll अगरिया जनजाति समाज बहुत ही पिछड़ा समाज है जिसका कोई अस्तित्व नहीं है इस जनजाति समाज के लोग ना तो नौकरी मे है ना ही शिक्षित है और ना ही व्यवसायिक है ll बताया गया की अगरिया जनजाति समाज के लोग पूर्व प्राचीन समय मे जंगलो मे निवास करते थे जहा वो लोहा बनाने (गलाने) का काम करते थे ll अगरिया जनजाति ही वो समाज है जिसने सर्वप्रथम लौह अयस्क(लौह पत्थर) की पहचान किया और पारम्परिक भट्टी मे लौह अयस्क को गलाकर लोहा जैसे चमत्कारिक धातु को बनाया और देश दुनिया समाज को लोहा से अवगत कराया , यानि लोहा बनाने की संस्क...

माननीय दिलीप जायसवाल जी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ग्रामोद्योग एवं कुटीर विभाग म.प्र शासन जी से मुलाक़ात किये ll अगरिया जनजाति की समस्याओ के सम्बन्ध मे चर्चा तथा लौ. प्र अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के 5वे स्थापना दिवस पर मंत्री जो को आमंत्रित किया गया ll

कोतमा अनूपपुर :-आज दिनांक 10.11.2024 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के फाउंडर (मैनेजिंग डायरेक्टर) दशरथ प्रसाद अगरिया जी एवं उनकी टीम मध्यप्रदेश के  राज्य मंत्री माननीय दिलीप जायसवाल जी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ग्रामोद्योग एवं कुटीर विभाग मध्यप्रदेश शाशन से खास मुलाक़ात किये और अगरिया जनजाति समाज की समस्याओ एवं फाउंडेशन के मुद्दों को लेकर खास चर्चा हुआ ll  निम्न बिन्दुओ को लेकर बाते हुयी :- 1. अगरिया जनजाति समाज जो की आज शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी एवं सामाजिक स्तर से पिछड़ा हुआ समाज है, समाज के स्तर को बेहतर बनाने के लिए ज़िला अनूपपुर मध्यप्रदेश मे अगरिया आदिवासी समाज हेतु लगभग 800-1000 की क्षमता के भवन निर्माण हेतु शासकीय भूमि लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नाम आवंटित किये जाने को लेकर मांग किया गया जहा अगरिया जनजाति समाज की समस्याओ एवं स्तर को बेहतर बनाने के लिए बैठ कर विचार विमर्श किया जा सके मांग रखा गया ll 2. अगरिया जनजाति समाज के स्तर को अन्य समाज के स्तर मे लाने एवं समाज को शिक्षा, नौकरी एवं व्यसायिक स्तर पर बेहतर बनाने के लिए, तथा अगरिया...