रायगढ़ के गेरवानी में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: समाज को सशक्त और नशामुक्त बनाने का संकल्प एवं फाउंडेशन के सभी गतिविधियों मे सक्रिय भागीदारी निभाने पर चर्चा ll रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व में दिनांक 21 जून 2026 को जिला रायगढ़ के ग्राम गेरवानी में 'अगरिया समाज जिला विकास अभियान' कार्यक्रम का गरिमामयी संपादन हुआ। यह पूरा कार्यक्रम जिलाध्यक्ष उबरन अगरिया एवं उनकी पूरी टीम के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में फाउंडेशन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने, जिले में इसकी गतिविधियों को और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज के उत्थान के लिए कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष रणनीति तैयार की गई। 📌 इन मुख्य बिंदुओं पर हुआ गहन मंथन कार्यक्रम के दौरान समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई गंभीर और प्रगतिशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई: सक्रिय भागीदारी: फाउंडेशन की आगामी गतिविधियों जैसे अगरिया जनजाति गौरव दिवस (फाउंडेशन 7वा स्थ...
अगरिया जनजाति का इतिहास बहुत पुराना और समृद्ध है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जो अगरिया जनजाति के इतिहास को दर्शाती हैं: प्राचीन इतिहास: अगरिया जनजाति का उल्लेख महाभारत और रामायण में मिलता है, जहाँ वे महिष्मति राज्य के निवासी बताए गए हैं। अगरिया जनजाति के लोगों ने प्राचीन काल में कई राज्यों में शासन किया, जिनमें महिष्मति राज्य, गोंडवाना राज्य और चंदेल राज्य प्रमुख हैं। मध्ययुगीन इतिहास: मध्ययुगीन काल में, अगरिया जनजाति के लोगों ने कई राज्यों में शासन किया, जिनमें गोंडवाना राज्य, चंदेल राज्य और बुंदेलखंड राज्य प्रमुख हैं। अगरिया जनजाति के लोगों ने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा की। आधुनिक इतिहास: आधुनिक काल में, अगरिया जनजाति के लोगों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अगरिया जनजाति के लोगों ने अपनी संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए कई संगठनों और संस्थाओं की स्थापना की। वर्तमान: वर्तमान में, अगरिया जनजाति के लोग मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य राज्यों में रहते हैं। अगरिया जनजाति के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने के ल...