💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
शहडोल म.प्र मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान अंतर्गत शपथ ग्रहण एवं एजेंडा वाचन कार्यक्रम सम्पन्नll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे जिला इकाई शहडोल मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान अंतर्गत अगरिया समाज जनजागरूकता अभियान एजेंडा वाचन एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम दिनांक 14/05/2023 को संपन्न हुआ ll उक्त कार्यक्रम संगठन द्वारा नियुक्त नोडल कार्यकर्त्ता अधिकारी श्री विजय अगरिया जी एवं भोला अगरिया जी की उपस्थिति मे संपन्न हुआ ll कार्यक्रम की अगुवाई शहडोल जिलाध्यक्ष श्री रामसरोवर अगरिया, एवं प्रेमकुमार अगरिया, सियाराम अगरिया जी एवं पूरी टीम की अगुवाई मे संपन्न हुआ ll अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास मे संगठन की ओर से प्रत्येक जिलों मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम माह मार्च 2023 से सुरु हैं जो लगातार संगठन अंतर्गत सभी जिलों के बारी बारी से संपन्न कराये जा रहे हैं जिसका उद्देश्य सम्पूर्ण अगरिया समाज को संगठन से जोड़ना संगठन के उद्देश्य से सम्पूर्ण अगरिया जन समुदाय से अवगत कराना एवं संगठन द्वारा समाज के लिए चलाये जा रहे अभियान से अवगत कराना हैं ll सम...