💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर मे अगरिया समाज राष्ट्रीय भवन निर्माण हेतु शासकीय ज़मीन हेतु ज्ञापन दिए लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के कार्यकर्त्ता
अगरिया समाज के राष्ट्रीय भवन निर्माण हेतु लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के कार्यकर्ताओ ने दिनांक 27/06/2023 को कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर मे शासकीय ज़मीन के लिए जिला अनूपपुर माननीय कलेक्टर महोदय के ज्ञापन दिए ll ज्ञापन राष्ट्रीय कार्यकर्त्ता एवं जिला अनूपपुर के सह - नेतृत्व मे दिया गया ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन रेजिस्ट्रेशन क्रमांक 141979 जिसका उदगम् जिला(संगठन की उत्पत्ति )अनूपपुर मध्यप्रदेश हैं ll जिसके अंतर्गत संगठन के समस्त बड़े आयोजन जैसे राष्ट्रीय महासम्मेलन, स्थापना दिवस जिला अनूपपुर कोतमा मे ही आयोजित किये जाते हैं जहाँ सम्पूर्ण भारत के कई राज्यों से अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु, माताए बहने बच्चे, बड़े बुजुर्ग 1000-1200 की संख्या मे कार्यक्रम मे उपस्थित होते हैं ll जिसके लिए राष्ट्रीय भवन की अत्यंत आवश्यकता रही हैं क्योंकि ऐसी क्षमता का भवन किराया से उपलब्ध नहीं हो पाता था और उपलब्ध भी होता था तो अधिक से अधिक किराया के रूप मे भुगतान करना पड़ता था ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन सम्पूर्ण भारत के अगरिया समाज का समाज...