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अगरिया जनजाति से जुड़ी ख़ास बाते एवं उनका रहन सहन

अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...

अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम अंतर्गत ज़िला रायगढ़ छत्तीसगढ़ मे ज़िला स्तर की स्थानीय बैठक संपन्न हुई ll

अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न रायगढ़ ज़िला मे ll दिनांक - 21/12/2025 दिन रविवार को ll 👇 लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे जिलों जिलों मे "अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम"फाउंडेशन से जुड़े सभी राज्यों के जिलों जिलों मे चलाया जा रहा है ll "अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम का आरम्भ 15 नवंबर अगरिया जनजाति गौरव दिवस ( फाउंडेशन 6वा स्थापना दिवस) से किया गया है ll जिसका मुख्य उद्देश्य फाउंडेशन द्वारा समाज के उत्थान विकास मे चलाये जा रहे मुख्य गतिविधियों को समाज के अंतिम छोर मे पहुँचाना जिससे समाज का हर स्वजातीय बंधु ये समझ सके की लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन समाज के उत्थान विकास के लिए सतत कार्यरत है और समाज से सम्बंधित सभी प्रकार की समस्याओ के लिए संस्था सतत कार्य कर रहा है ll इसके अलावा फाउंडेशन के इस अभियान का उद्देश्य जिले मे फाउंडेशन को मजबूत बनाना है ll इस अभियान को समाज के लिए लाने का एक मकसद ये भी था की जो कार्यकर्त्ता संस्था से जुड़े है उनको संस्था द्वारा समाज के लिए चलाये जा रहे सभी योजनाओ की जा...

दिनांक 08/12/2025 को गढ़वा झारखंड के कार्यकर्त्ता साथियों ने ज़िला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन (लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे)

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे ज़िला इकी गढ़वा झारखंड के कार्यकर्ता साथियों ने अगरिया जनजाति समाज की समस्याओ को लेकर सौपे ज्ञापन ll 👇 दिनांक 08/12/2025 को ज़िला - गढ़वा झारखंड के कार्यकर्त्ता स्वजातीय बंधुओ ने ज़िला ज़िला कलेक्टर को अगरिया जनजाति समाज को विशेष पिछड़ी जनजाति मे शामिल किये जाने को लेकर ज्ञापन सौपे ll गढ़वा जिलाध्यक्ष श्री शिवशंकर अगरिया जी ने बताया की अगरिया समाज हमारा अत्यंत पिछड़ा हुआ समाज है इस समाज का रहन सहन अत्यंत न्यून है, समाज मे शिक्षा का स्तर शून्य है, इस समाज के लोग ना तो नौकरी मे है ना ही व्यावसायिक है ll अगरिया जनजाति समाज के स्तर को बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार को ध्यान देना पड़ेगा तभी ये समाज अन्य समाजो की तरह बेहतर हो सकेगा ll शिक्षा, नौकरी मे विशेष आरक्षण की आवश्यकता है ll ज्ञापन सौपने गढ़वा जिलाध्यक्ष श्री शिवशंकर अगरिया जी, उपाध्यक्ष श्री संजय अगरिया जी, अमरनाथ अगरिया जी सहित कई स्वजातीय बंधु ने अपनी भूमिका निभाई ll... #