🐍 अगरिया जनजाति का नागवंशी (नाग) गोत्र : इतिहास, परंपरा, टोटम और सामाजिक महत्व💥 👇 🚩 जय अगरिया • जय लोहासुर • जय अंगारमोती माता 🚩 ❤️💥💥🌱💥 अगरिया जनजाति भारत की प्राचीन लौह-प्रगलक (Iron Smelter) आदिम जनजातियों में से एक है, जिसने सदियों तक प्राकृतिक लौह अयस्क से लोहा गलाकर कृषि, शिकार और दैनिक जीवन के लिए आवश्यक औजारों का निर्माण किया। इस समाज की पहचान केवल उसकी लौह-कला तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी समृद्ध गोत्र व्यवस्था, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक अनुशासन भी इसकी विशिष्ट पहचान हैं। अगरिया समाज में अनेक प्राकृतिक एवं टोटम आधारित गोत्र पाए जाते हैं। इन्हीं में नागवंशी (नाग) गोत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण, प्राचीन और सम्मानित गोत्र माना जाता है। यह गोत्र नाग (सर्प) को अपने कुल-प्रतीक (टोटम) के रूप में मानता है और प्रकृति संरक्षण की आदिवासी परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। 👉 नागवंशी गोत्र का अर्थ:- "नागवंशी" शब्द दो भागों से मिलकर बना है— •नाग अर्थात सर्प। •वंशी अर्थात वंश या कुल से संबंधित। आदिवासी परंपराओं में इसका अर्थ यह नहीं होता क...
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