इलाज हेतु सहयोग राशि प्रदान किया गया सीधी के सुखलाल अगरिया जी को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा ll सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अगरिया जनजाति के बारे मे एवं अगरिया जनजाति समाज के लिए लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा किये जा रहे कार्य

  अगरिया जनजाति : हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारा गौरव अगरिया जनजाति भारत की महत्वपूर्ण आदिवासी समुदायों में से एक है। मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों की सरकारी सूची में अगरिया (Agariya) का नाम शामिल है। अगरिया समाज की पहचान उसकी समृद्ध सामाजिक परंपराओं, प्रकृति से जुड़े जीवन-मूल्यों, लोक संस्कृति और विशेष रूप से पारंपरिक लौह-प्रगलन की विरासत से जुड़ी रही है। पीढ़ियों से लौह अयस्क से लोहे के निर्माण की पारंपरिक जानकारी अगरिया समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। लौह प्रगलन : अगरिया समाज की गौरवशाली विरासत अगरिया समुदाय की सबसे विशिष्ट पहचान उसकी पारंपरिक लौह-प्रगलन परंपरा है। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और पीढ़ियों से विकसित तकनीकी समझ के आधार पर लौह अयस्क से उपयोगी लोहा तैयार करने की परंपरा ने अगरिया समाज को एक विशिष्ट पहचान दी। यह केवल लोहे के निर्माण की तकनीक नहीं थी, बल्कि इसमें स्थानीय ज्ञान, प्रकृति की समझ, श्रम, कौशल और सामुदायिक परंपरा का समन्वय दिखाई देता है। इसी गौरवशाली विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अगरि...

इलाज हेतु सहयोग राशि प्रदान किया गया सीधी के सुखलाल अगरिया जी को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा ll

इलाज हेतु सहयोग राशि प्रदान किया गया सीधी के सुखलाल अगरिया जी को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा ll
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जानिए क्या हैं पूरा मामला
बीते दिन 17/02/2023 को सीधी जिला निवासी सुखलाल अगरिया जी जो. की शादी मे सम्मिलित होने पूरे परिवार सहित कोरिया जिला गए हुए थे वही अचानक देर रात लगभग 12 बजे से उनका छोटा पुत्र जो लगभग 1 साल का होगा अचानक से उल्टी - दस्त करना सुरु कर दिया काफी प्रयास के बाद भी कोई सुधार नहीं आया ll सुखलाल जी बच्चे को लेकर अपने गृह ग्राम सीधी आ गए वहां दो दिन इलाज कराये लेकिन बच्चे के तबियत मे कोई सुधार नहीं आया फिर उनके द्वारा अपने ससुराल की ओर बच्चे को लेकर प्रवास किया गया जहा पर प्राइवेट अस्पताल मे इलाज कराया गया तो जाकर बच्चे मे धीरे धीरे आराम हुआ और अभि बालक लगभग पूरी तरह स्वस्थ्य हैं ll लेकिन इस दौरान सुखलाल अगरिया जी का काफी खर्च हुआ ll और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हैं प्रतिदिन मजदूरी कर के अपना एवं परिवार के भरण पोषण करते थे ऐसे स्थिति मे उनके सामने एक चुनौती हो गयी थी की आगे का इलाज कैसे पूरा कराये पूरे रास्ते बंद हो गए थे वास्तव मे क्या करेंगे ll लेकिन वो संगठन से जुड़े थे संगठन के गतिविधि मे लगातार उनका योगदान रहा हैं उन्होंने संगठन मे राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया जी  को कॉल करके पूरी आप बीती बात उन्होंने बताया और कुछ सहयोग की अपील किये संचालक महोदय द्वारा उनको आश्वासन दिया गया की संगठन उनके साथ हैं सम्पूर्ण इलाज की जिम्मेदारी संगठन लेगा और तत्काल कोर समिति से बात करते हुए सहयोग करने की बात किये और संगठन की ओर से सहयोग हुआ और संगठन की ओर से सुखलाल अगरिया जी को उनके पुत्र के इलाज हेतु उनके फोन पे पर 2100/- की सहयोग राशि भुगतान किया गया ll और आज बच्चा मस्त हैं स्वस्थ्य हैं ll
संगठन हर स्थिति मे समाज के उत्थान विकास मे सहयोग प्रदान करता है चाहे वो शिक्षा हो दशगात्र हो या कोई अन्य लेकिन उसके लिए आपको संगठन के गतिविधि को जिलों मे अपने पहुँचाना होगा, संगठन से जुडा होना होना एवं संगठन का कार्यकर्त्ता होना अनिवार्य हैं ll
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सुखलाल अगरिया जी ने क्या कहा सहयोग के बाद पूरा पढ़े ll
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