अगरिया जनजाति : हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारा गौरव अगरिया जनजाति भारत की महत्वपूर्ण आदिवासी समुदायों में से एक है। मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों की सरकारी सूची में अगरिया (Agariya) का नाम शामिल है। अगरिया समाज की पहचान उसकी समृद्ध सामाजिक परंपराओं, प्रकृति से जुड़े जीवन-मूल्यों, लोक संस्कृति और विशेष रूप से पारंपरिक लौह-प्रगलन की विरासत से जुड़ी रही है। पीढ़ियों से लौह अयस्क से लोहे के निर्माण की पारंपरिक जानकारी अगरिया समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। लौह प्रगलन : अगरिया समाज की गौरवशाली विरासत अगरिया समुदाय की सबसे विशिष्ट पहचान उसकी पारंपरिक लौह-प्रगलन परंपरा है। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और पीढ़ियों से विकसित तकनीकी समझ के आधार पर लौह अयस्क से उपयोगी लोहा तैयार करने की परंपरा ने अगरिया समाज को एक विशिष्ट पहचान दी। यह केवल लोहे के निर्माण की तकनीक नहीं थी, बल्कि इसमें स्थानीय ज्ञान, प्रकृति की समझ, श्रम, कौशल और सामुदायिक परंपरा का समन्वय दिखाई देता है। इसी गौरवशाली विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अगरि...
बिहार मे भी लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन पंहुचा ll शीघ्र राष्ट्रीय संघ की मीटिंग आयोजित होंगी ll
बिहार मे भी लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन पंहुचा ll
#अगरियासमाजजोड़ोअभियान
आपको जैसा की विदित हैं लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन जो की सम्पूर्ण भारत स्तर पर अगरिया समाज का एक मंच तैयार कर रहा हैं जिसके लिए संगठन द्वारा "अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम " के तहत लगातार राज्य राज्य, जिला जिला, गांव गांव संगठन पहुंच कर अगरिया समाज जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर रहा हैं और समाज को सभी राज्यों मे जिलेवार संगठित कर रहा हैं ll आपको बताना चाहेंगे बीते दिनों पूर्व 5 फ़रवरी को उत्तरप्रदेश का सोनभद्र जिला मे संगठन की ओर से अगरिया समाज जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन संगठन मार्गदर्शन मे हुआ था जहा मुख्य अतिथि के रूप मे राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया जी एवं पूरी टीम रामखिलावन अगरिया जी, अन्नू अगरिया जी,सुखित अगरिया जी, ,पूरासाय अगरिया जी, दुबराज अगरिया जी,का जाना हुआ था ll एवं जिला सिंगरौली मप्र से टीम पहुंची हुई थी ll जहा बहुत ही अच्छा कार्यक्रम हुआ था ll उस कार्यक्रम मे बिहार से अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु एवं माताए बहने कार्यक्रम मे. उपस्थित रहे - रामकेवल अगरिया जी, चन्द्रिका अगरिया जी, रामचेला अगरिया, लाल साहब अगरिया जी, हरिलाल अगरिया जी एवं कई स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे ll कार्यक्रम के पश्चात राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया जी द्वारा बिहार के स्वजातीय बंधुओ से खास बातचीत किये बैठक हुआ जहा बातचीत के दौरान संगठन के समस्त उद्देश्य को एवं समाज के उत्थान विकास मिलकर कार्य करने एवं अगरिया समाज के अस्तित्व एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए तथा समाज मे शिक्षा, नशा मुक्त जैसे कई उद्देश्य पर चर्चा किये ll एवं बिहार के स्वजातीय बंधुओ का मोबाइल नम्बर लेकर राष्ट्रीय व्हाट्सप्प ग्रुप से जोड़कर चर्चा परिचर्चा किया गया जिससे प्रेरित होकर अभि बीते कुछ दिनों पूर्व लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के तत्वाधान मे छोटे से मीटिंग का आयोजन बिहार मे हुआ उक्त मीटिंग मे अगरिया समाज संगठन भारत के राष्ट्रीय संचालक को मुख्य अतिथि के रूप आमंत्रित कर बड़े मीटिंग का आयोजन करने और संगठन के साथ जुड़कर संगठन के मार्गदर्शन अनुसार कार्य करने एवं बिहार मे अगरिया समाज को संगठित करने एवं समाज मे शिक्षा, नशामुक्ति सभी मुद्दों पर कार्य करने लिए संगठन का प्रारम्भिक मार्गदर्शन लेने पर बात हुआ ll बिहार मे बड़े मीटिंग के आयोजन हेतु स्वजातीय बंधुओ द्वारा लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन संचालक जी से मीटिंग रखने हेतु दिनांक, तिथि, समय निर्धारित कर अवगत कराने एवं बिहार मे उपस्थित होने का आग्रह किया गया हैं ll संगठन संचालक महोदय द्वारा शीघ्र समय तिथि निर्धारित कर बिहार वासियो को अवगत कराने को कहा गया हैं और उपस्थित होकर संगठन के उद्देश्य अनुसार कैसे कार्य करना हैं अवगत कराने को कहा गया हैं ll
तो इस प्रकार संगठन आज बिहार तक अपनी पहुंच बना चुका हैं ll जिससे संगठन का जो उद्देश्य हैं सम्पूर्ण भारत मे जहा जहा अगरिया समाज निवासरत हैं सभी को एक मंच मे लाने का पूर्ण होता हुआ हैं ll
अगरिया समाज संगठन भारत
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agariya samaj ki jankari ke liye ye blog taiyar kiya gaya hai agariya samaj sangathan poore bharat ke agariya samaj ko sangathit karna chahta hai