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अगरिया जनजाति से जुड़ी ख़ास बाते एवं उनका रहन सहन

अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के कोर डायरेक्टर की बैठक सम्पन्न हुआ कोटमी छत्तीसगढ़ मे ll फाउंडेशन के नवीनीकरण को लेकर दिनांक - 15/12/2024 को ll

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के कोर डायरेक्टर की बैठक सम्पन्न हुआ कोटमी छत्तीसगढ़ मे ll फाउंडेशन के नवीनीकरण को लेकर दिनांक - 15/12/2024 को ll 👇 फाउंडेशन के फाउंडर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया कोतमा अनूपपुर एवं फाउंडेशन डायरेक्टर श्री रामखिलावन अगरिया एवं साथ मे. ज़िला कोरबा के जिलाध्यक्ष श्री दुबराज सिंह अगरिया जी, पोराशाय अगरिया एवं जगदीश अगरिया जी कोरबा आज कोर डायरेक्टर मीटिंग मे शामिल हुए एवं फाउंडेशन के नवीनीकरण को लेकर सभी दस्तावेज मे हस्ताक्षर किये गए और डॉक्यूमेंट को दिल्ली भेजा गया ll एवं फाउंडेशन द्वारा समाज के उत्थान विकास मे आगामी होने वाले गतिविधि पर चर्चा हुआ एवं रणनीति तैयार किया गया ll सरकार की ओर से आगामी आने वाले दिनों मे मिलने वाले फंड का कैसे समाज के विकास मे उपयोग किया जाना है कैसे समाज के लोगो को लाभ मिल सकेगा सभी रणनीति तैयार किया गया ll तथा फाउंडेशन का सबसे बड़ा गतिविधि माह मार्च मे होने वाले अगरिया समाज जोड़ो अभियान जो फाउंडेशन से जुड़े सभी जिलों मे मीटिंग का आयोजन अन्य जिलों से नियुक्त नोडल की उपस्थिति मे सम्पन्न होता है जिसके सम्बन्ध मे रणनीति ...