अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...
सीधी जिला कार्यकर्त्ता के दशगात्र मे अगरिया समाज संगठन के कार्यकर्त्ताओ की भीड़ उमड़ी ll दशगात्र सहयोग राशि परिवार को फाउंडेशन द्वारा दिया गयाll
मध्यप्रदेश सीधी जिला ग्राम सोनगढ़ के प्रमुख कार्यकर्त्ता स्व. बीरबल अगरिया जी का बीते दिनों लम्बी बिमारी के कारण आकस्मिक निधन हुआ था ll जिनका दशगात्र कार्यक्रम दिनांक 29/11/2023 को उनके निज निवास स्थान ग्राम सोनगढ़ जिला सीधी मध्यप्रदेश मे रहा हैं ll दशगात्र कार्यक्रम मे सम्पूर्ण लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन अंतर्गत कई कार्यकर्ता एवं सीधी सिंगरौली जिला के कार्यकर्त्ताओ की भीड़ उमड़ पड़ी दशगात्र कार्यक्रम के रूप मे अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या मे सामाज के स्वजातीय बंधु उपस्थित हुए ll दशगात्र कार्यक्रम मे सिंगरौली जिला के जिलाध्यक्ष श्री राजकुमार अगरिया जी एवं उनकी पूरी समिति राजपाल अगरिया, अमरशाह अगरिया,बृजलाल अगरिया महिपाल अगरिया, पन्नेलाल अगरिया सहित कई कार्यकर्त्ता एवं सामाजिक स्वजातीय बंधु उपस्थित हुए ll स्व. बीरबल अगरिया जी जिनका दशगात्र कार्यक्रम रहा हैं लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के ओर से सीधी जिला के एक प्रमुख कार्यकर्त्ता के रूप मे जाने जाते रहे हैं, संगठन की हर गतिविधि को जिले मे सुचारु रूप मे संचालित करवाने एवं संगठन के साथ हर परिस्थिति मे खड़...