अगरिया जनजाति के प्रमुख त्यौहार एवं उनकी परंपराएं अगरिया जनजाति भारत की प्राचीन लौह प्रगलक (Iron Smelter) जनजाति है, जिसकी संस्कृति प्रकृति, पूर्वजों, देवी-देवताओं और पारंपरिक जीवन पद्धति से जुड़ी हुई है। अगरिया समाज में त्यौहार केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता, प्रकृति पूजा, कृषि, पूर्वजों के सम्मान और सांस्कृतिक संरक्षण का माध्यम होते हैं। 1. 🚩 लोहासुर पूजा (Lohasur Puja) अगरिया समाज में लोहासुर देव का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन क्या करते हैं: लोहासुर देव की पूजा-अर्चना करते हैं। पारंपरिक लौह कला और अपने पूर्वजों को याद करते हैं। समाज की सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना करते हैं। परिवार एवं समाज के लोग एकत्र होकर पूजा और सामूहिक कार्यक्रम करते हैं। 2. 🌿 अंगारमोती माता पूजा अगरिया समाज में अंगारमोती माता को शक्ति और संरक्षण की देवी के रूप में श्रद्धा दी जाती है। परंपराएं: माता की पूजा की जाती है। घर-परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। महिलाएं विशेष रूप से पूजा में भाग लेती हैं। पारंपरिक गीत और रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। 3. 🌾 नवाखानी / नवा खाई (नई फसल...
अगरिया जनजाति के प्रमुख त्यौहार एवं उनकी परंपराएं अगरिया जनजाति भारत की प्राचीन लौह प्रगलक (Iron Smelter) जनजाति है, जिसकी संस्कृति प्रकृति, पूर्वजों, देवी-देवताओं और पारंपरिक जीवन पद्धति से जुड़ी हुई है। अगरिया समाज में त्यौहार केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता, प्रकृति पूजा, कृषि, पूर्वजों के सम्मान और सांस्कृतिक संरक्षण का माध्यम होते हैं। 1. 🚩 लोहासुर पूजा (Lohasur Puja) अगरिया समाज में लोहासुर देव का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन क्या करते हैं: लोहासुर देव की पूजा-अर्चना करते हैं। पारंपरिक लौह कला और अपने पूर्वजों को याद करते हैं। समाज की सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना करते हैं। परिवार एवं समाज के लोग एकत्र होकर पूजा और सामूहिक कार्यक्रम करते हैं। 2. 🌿 अंगारमोती माता पूजा अगरिया समाज में अंगारमोती माता को शक्ति और संरक्षण की देवी के रूप में श्रद्धा दी जाती है। परंपराएं: माता की पूजा की जाती है। घर-परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। महिलाएं विशेष रूप से पूजा में भाग लेती हैं। पारंपरिक गीत और रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। 3. 🌾 नवाखानी / नवा खाई (नई फसल...