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सीधी (मध्यप्रदेश) के ग्राम कुरचू में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: समाज को सशक्त, शिक्षित एवं नशामुक्त बनाने का लिया संकल्पसीधी (मध्यप्रदेश), 12 जुलाई 2026।(लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन)

सीधी (मध्यप्रदेश) के ग्राम कुरचू में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: समाज को सशक्त, शिक्षित एवं नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प सीधी (मध्यप्रदेश), 12 जुलाई 2026। लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व में जिला सीधी के ग्राम कुरचू में अगरिया समाज जिला विकास अभियान का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं नेतृत्व जिला अध्यक्ष श्री अमरशाह अगरिया तथा उनकी पूरी जिला टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा एवं कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। बैठक का मुख्य उद्देश्य अगरिया समाज को संगठित, शिक्षित, नशामुक्त, आत्मनिर्भर एवं सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाना तथा फाउंडेशन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम में समाज के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना तैयार की गई। 🌻समाज को संगठित करने पर विशेष जोर🌻 बैठक में सभी कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे प्रत्येक गांव में जाकर अधिक से अधिक परिवारों को फाउंडेशन से जोड़ें तथा समाज क...

सिंगरौली के ग्राम ककरसिहा में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: -शिक्षा, संगठन, संस्कृति और नशामुक्त समाज पर हुआ व्यापक मंथन ll दिनांक - 6 जुलाई 2026

सिंगरौली के ग्राम ककरसिहा में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: -शिक्षा, संगठन, संस्कृति और नशामुक्त समाज पर हुआ व्यापक मंथन सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के तत्वावधान में 06 जुलाई 2026 को जिला सिंगरौली के ग्राम ककरसिहा में "अगरिया समाज जिला विकास अभियान" का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं नेतृत्व जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार अगरिया एवं उनकी पूरी टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं, मातृशक्तियों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अगरिया समाज को संगठित, शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं नशामुक्त बनाने के साथ-साथ समाज की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और परंपराओं का संरक्षण करना था। बैठक में समाज के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना तैयार की गई। 📌 समाज के विकास के लिए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निम्नलिखि...

अगरिया जनजाति : भारत की प्राचीन लौह वैज्ञानिक एवं आदिम आदिवासी विरासत

🔥 ⛏️ अगरिया जनजाति: भारत की प्राचीन लौह वैज्ञानिक एवं आदिम आदिवासी विरासत ⛏️🔥 🙏 सेवा जोहार साथियों! अगरिया जनजाति भारत की एक प्राचीन, वैज्ञानिक एवं गौरवशाली आदिम आदिवासी जनजाति है, जो मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी एवं सिंगरौली जिलों सहित छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में निवास करती है। "अगरिया" शब्द की उत्पत्ति "आग" अथवा "अग्नि" से मानी जाती है, क्योंकि इस समाज का जीवन, संस्कृति और परंपराएँ आग की भट्टी तथा लोहे के इर्द-गिर्द विकसित हुई हैं। ⚒️ भारत के प्राचीन लौह शिल्पकार अगरिया समाज को भारत के सबसे प्राचीन धातुकार समुदायों में गिना जाता है। हमारे पूर्वज जंगलों और पहाड़ियों से लौह अयस्क एकत्रित कर मिट्टी की पारंपरिक भट्टियों एवं लकड़ी की धौंकनी (फुकनी) की सहायता से शुद्ध लोहा तैयार करते थे। 🔸 हल का फाल 🔸 कुल्हाड़ी 🔸 हांसिया 🔸 कृषि एवं दैनिक उपयोग के अनेक औजार इनके द्वारा निर्मित औजार अपनी मजबूती और टिकाऊपन के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। 🔥 लोहासुर देव: हमारे आराध्य अगरिया समाज के प्रमुख द...

शहडोल सांसद माननीय श्री मति हिमाद्री सिंह जी से जी मिलकर मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ प्रसाद अगरिया एवं कार्यकर्त्ता अनूपपुर अगरिया समाज की समाज की समस्याओ को लेकर ज्ञापन सौपे ll

आज दिनांक 26/11/2025 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर (संस्थापक) दशरथ प्रसाद अगरिया जी एवं ज़िला अनूपपुर मप्र के कार्यकर्त्ता साथियों ने अगरिया समाज की समस्याओ को लेकर ज्ञापन सौपे ll  फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ प्रसाद अगरिया द्वारा बताया गया की अगरिया जनजाति समाज आदिम काल की वह जनजाति समाज है जिसने सर्व प्रथम इस दुनिया मे लौह अयस्क की पहचान किया तथा पारम्परिक तरीके से लौह अयस्क को गलाकर लोहा बनाया ll  अगरिया जनजाति एक वैज्ञानिक जनजाति समाज है क्योंकि पारम्परिक तरीके से सर्वप्रथम लोहा बनाने वाली जनजाति समाज अगरिया जनजाति समाज है ll यह जनजाति समाज पूर्व मे जंगलो मे निवास करता रहा है और अपने लोहा बनाने की पारम्परिक तकनीक के साथ लोहा बनाते हुए उसी लोहा से क़ृषि उपयोगी सामग्री, घरेलु एवं अन्य उपयोगी औजार बनाकर अपना जीवन यापन करते रहे है ll लेकिन जैसे जैसे सरकार द्वारा लौह अयस्क पर बैन ( प्रतिबन्ध) लगा व्यवसाय इस समाज का छिन सा गया और ये गांव गांव मे जाकर अपने रोजी रोटी मे लोहा का काम करके जीवन यापन करने लगे जिससे समाज मे शिक्षा, व्यावसाय, नौकरी त...