💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
अगरिया समाज संगठन भारत जिला कोरबा छ ग के कार्यकर्त्ता गांव गांव जाकर समाज को जागरूक करते हुये ll 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 आज दिनांक 28/11/2022को ग्राम दुमदुमी ,नवाडीह ,कन्हैया पारा,और बिजराभौना जिला कोरबा छत्तीशगढ़ का दौरा श्री दुबराजसिह अगरिया और सुदर्शनअगरिया जी द्वारा लोगों को राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज संगठन भारत के उद्देश्यों के बारे में जन जन तक पहुंचाने पहल किया जा रहा है संगठन के उद्देश्यों एवं विचार धारा से अवगत कराते हुए संगठन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया जा रहा है ll बीते कुछ दिनों ज़ब से संगठन का राष्ट्रीय महासम्मेलन एवं स्थापना दिवस मनाया गया है तब से संगठन की ओर से आयोजित जिला जागरूकता कार्यक्रम की गतिविधि मे जिला कोरबा मे काफी जागरूकता देखने को मिला है ll दुबराज अगरिया जी एवं सुदर्शन अगरिया जी का कहना है संगठन हमारा है समाज हमारा है और हम सब को इसकी जिम्मेदारी लेना पड़ेगा तभी हमारा समाज जागरूक होगा आज इस समाज को हम सभी की आवश्यकता है हम सभी को संगठन की ओर से अच्छे विचार के साथ आगे आना होगा तभी समाज का अस्तित्व प्राप्त होगा ll इन कार्...