💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
सीधी जिला कार्यकर्त्ता के दशगात्र मे अगरिया समाज संगठन के कार्यकर्त्ताओ की भीड़ उमड़ी ll दशगात्र सहयोग राशि परिवार को फाउंडेशन द्वारा दिया गयाll
मध्यप्रदेश सीधी जिला ग्राम सोनगढ़ के प्रमुख कार्यकर्त्ता स्व. बीरबल अगरिया जी का बीते दिनों लम्बी बिमारी के कारण आकस्मिक निधन हुआ था ll जिनका दशगात्र कार्यक्रम दिनांक 29/11/2023 को उनके निज निवास स्थान ग्राम सोनगढ़ जिला सीधी मध्यप्रदेश मे रहा हैं ll दशगात्र कार्यक्रम मे सम्पूर्ण लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन अंतर्गत कई कार्यकर्ता एवं सीधी सिंगरौली जिला के कार्यकर्त्ताओ की भीड़ उमड़ पड़ी दशगात्र कार्यक्रम के रूप मे अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या मे सामाज के स्वजातीय बंधु उपस्थित हुए ll दशगात्र कार्यक्रम मे सिंगरौली जिला के जिलाध्यक्ष श्री राजकुमार अगरिया जी एवं उनकी पूरी समिति राजपाल अगरिया, अमरशाह अगरिया,बृजलाल अगरिया महिपाल अगरिया, पन्नेलाल अगरिया सहित कई कार्यकर्त्ता एवं सामाजिक स्वजातीय बंधु उपस्थित हुए ll स्व. बीरबल अगरिया जी जिनका दशगात्र कार्यक्रम रहा हैं लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के ओर से सीधी जिला के एक प्रमुख कार्यकर्त्ता के रूप मे जाने जाते रहे हैं, संगठन की हर गतिविधि को जिले मे सुचारु रूप मे संचालित करवाने एवं संगठन के साथ हर परिस्थिति मे खड़...