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अगरिया जनजाति मे जन्म संस्कार लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रायगढ़ के गेरवानी में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: समाज को सशक्त और नशामुक्त बनाने का संकल्प एवं फाउंडेशन के सभी गतिविधियों मे सक्रिय भागीदारी निभाने पर चर्चा ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृव मे

रायगढ़ के गेरवानी में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: समाज को सशक्त और नशामुक्त बनाने का संकल्प एवं फाउंडेशन के सभी गतिविधियों मे सक्रिय भागीदारी निभाने पर चर्चा ll ​ रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व में दिनांक 21 जून 2026 को जिला रायगढ़ के ग्राम गेरवानी में 'अगरिया समाज जिला विकास अभियान' कार्यक्रम का गरिमामयी संपादन हुआ। यह पूरा कार्यक्रम जिलाध्यक्ष उबरन अगरिया एवं उनकी पूरी टीम के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। ​इस महत्वपूर्ण बैठक में फाउंडेशन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने, जिले में इसकी गतिविधियों को और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज के उत्थान के लिए कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष रणनीति तैयार की गई। ​📌 इन मुख्य बिंदुओं पर हुआ गहन मंथन ​कार्यक्रम के दौरान समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई गंभीर और प्रगतिशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई: ​ सक्रिय भागीदारी: फाउंडेशन की आगामी गतिविधियों जैसे अगरिया जनजाति गौरव दिवस (फाउंडेशन 7वा स्थ...

अगरिया जनजाति मे बच्चे का जन्म संस्कार कैसे होता है

अगरिया जनजाति में जन्म संस्कार एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो बच्चे के जन्म के बाद किया जाता है। यहाँ अगरिया जनजाति में जन्म संस्कार की प्रक्रिया है: पहला दिन 1. बच्चे के जन्म के बाद, परिवार के सदस्यों द्वारा बच्चे को स्नान कराया जाता है। 2. बच्चे को नए कपड़े पहनाए जाते हैं और उसके बाल कटवाए जाते हैं। तीसरा दिन 1. परिवार के सदस्यों द्वारा बच्चे के लिए पूजा की जाती है और भगवान तथा अपने इष्ट देवता से उसके स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। 2. बच्चे के जन्म के बाद, परिवार के सदस्यों द्वारा एक छोटा सा समारोह आयोजित किया जाता है, जिसमें परिवार के सदस्यों तथा समाज और गाँव के लोगों को आमंत्रित किया जाता है। छठा दिन 1. इस दिन बच्चे का नामकरण समारोह आयोजित किया जाता है। 2. परिवार के सदस्यों द्वारा बच्चे के लिए एक नाम रखा जाता है, जो अक्सर बच्चे के जन्म के समय और परिस्थितियों के आधार पर रखा जाता है। बारहवां दिन 1. इस दिन बच्चे का अन्नप्राशन समारोह आयोजित किया जाता है। 2. बच्चे को पहली बार अन्न खिलाया जाता है और परिवार के सदस्यों द्वारा उसके स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की ...