अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जो लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन से जुड़े सभी राज्यों के जिलों मे संपन्न कराया जाता है ll दिनांक 19 अप्रैल 2026 को जिला रायगढ़ के ग्राम सरईपाली मे सफलता पूर्वक संपन्न हुआ ll जिला रायगढ़ समिति एवं जिलाध्यक्ष श्री उबरन अगरिया जिनके सफल आयोजन से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ll जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम हेतु लौह प्रगलक अगरिया भारत फाउंडेशन की ओर से नोडल / मुख्य अतिथि के रूप मे श्री अन्नू अगरिया एवं श्री गजपति अगरिया की नियुक्ति हुई थी जिनको कार्यक्रम मे उपस्थित होकर अपने कुशल नेतृत्व मे कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न कराना था लेकिन दोनों नोडल के घर एक ही समय मे शादी लगन कार्यक्रम होने के वजह से दोनों नोडल उपस्थित नहीं हो पाए, दोनों नोडल की अनुपस्थिति मे रायगढ़ जिला के जिलाध्यक्ष श्री उबरन अगरिया ज़ी को ही नोडल का दायित्व फाउंडेशन द्वारा दिया गया जिनके कुशल नेतृत्व मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम रायगढ़ जिला मे संपन्न हुआ ll अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जहाँ आज लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के...
अगरिया जनजाति में जन्म संस्कार एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो बच्चे के जन्म के बाद किया जाता है। यहाँ अगरिया जनजाति में जन्म संस्कार की प्रक्रिया है: पहला दिन 1. बच्चे के जन्म के बाद, परिवार के सदस्यों द्वारा बच्चे को स्नान कराया जाता है। 2. बच्चे को नए कपड़े पहनाए जाते हैं और उसके बाल कटवाए जाते हैं। तीसरा दिन 1. परिवार के सदस्यों द्वारा बच्चे के लिए पूजा की जाती है और भगवान तथा अपने इष्ट देवता से उसके स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। 2. बच्चे के जन्म के बाद, परिवार के सदस्यों द्वारा एक छोटा सा समारोह आयोजित किया जाता है, जिसमें परिवार के सदस्यों तथा समाज और गाँव के लोगों को आमंत्रित किया जाता है। छठा दिन 1. इस दिन बच्चे का नामकरण समारोह आयोजित किया जाता है। 2. परिवार के सदस्यों द्वारा बच्चे के लिए एक नाम रखा जाता है, जो अक्सर बच्चे के जन्म के समय और परिस्थितियों के आधार पर रखा जाता है। बारहवां दिन 1. इस दिन बच्चे का अन्नप्राशन समारोह आयोजित किया जाता है। 2. बच्चे को पहली बार अन्न खिलाया जाता है और परिवार के सदस्यों द्वारा उसके स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की ...