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मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना (अगरिया समाज संगठन भारत) लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की नयी पहल

मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास के लिए प्रमुख पहल है ll यह योजना (अगरिया समाज संगठन भारत) लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे आरम्भ किया गया है ll आइये जानते है मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना क्या है :- मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के लिए एक ऎसी योजना है जहाँ इस योजना अंतर्गत जुड़े किसी व्यक्ति के दिवंगत ( मृत) होने पर दिवंगत व्यक्ति के परिवार (नॉमिनी) को आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है ll  इस योजना की शुरुआत लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन (अगरिया समाज संगठन भारत) के संस्थापक मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया ज़ी के द्वारा किया गया है ll इस योजना के माध्यम से अगरिया जनजाति समाज को सहयोग प्रदान करना लक्ष्य है ll अक्सर देखा गया है की कुछ परिवार ऐसे है जहाँ मुखिया या किसी परिवार के सदस्य के दिवंगत हो जाने पर परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो जाता है यहाँ तक की दिवंगत सदस्य के क्रिया कर्म करने तक के लाले पड़ जाते है ll इन सारे बातो...

अगरिया जनजाति समाज का राष्ट्रीय कार्यक्रम सम्पन्न हुआ 15.11.2024 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का पांचवा स्थापना दिवस ll

अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास का संस्था लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का पांचवा स्थापना दिवस 15.11.2024 को कोतमा कुशा भाऊ ठाकरे मंगल भवन मे सम्पन्न हुआ ll कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया समाज के बच्चे एवं बच्चियों ने बहुत ही सुन्दर आदिवासी गाने एवं अगरिया समाज गीत पर नृत्य प्रस्तुत किये ll  संस्था के फाउंडर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया द्वारा बताया गया की संस्था का मुख्य उद्देश्य अगरिया जनजाति के स्तर को , आर्थिक, शैक्षिक एवं सामाजिक स्तर से मजबूत बनाना है ll अगरिया जनजाति समाज बहुत ही पिछड़ा समाज है जिसका कोई अस्तित्व नहीं है इस जनजाति समाज के लोग ना तो नौकरी मे है ना ही शिक्षित है और ना ही व्यवसायिक है ll बताया गया की अगरिया जनजाति समाज के लोग पूर्व प्राचीन समय मे जंगलो मे निवास करते थे जहा वो लोहा बनाने (गलाने) का काम करते थे ll अगरिया जनजाति ही वो समाज है जिसने सर्वप्रथम लौह अयस्क(लौह पत्थर) की पहचान किया और पारम्परिक भट्टी मे लौह अयस्क को गलाकर लोहा जैसे चमत्कारिक धातु को बनाया और देश दुनिया समाज को लोहा से अवगत कराया , यानि लोहा बनाने की संस्क...