agariya janjati सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

louh pragalak agariya jnjati bharat foundation लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन

मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के लिए एक बहुत बड़ी पहल है ll इस योजना की शुरुआत - 15/11/2025 से किया गया है ll आइये इस योजना के बारे मे जानते है :- लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे यह अगरिया समाज कल्याण कोष योजना एक ऐसी पहल है, जो हमारे किसी सामाजिक स्वजातीय बंधुओ के असमय हमारे बीच न रहने की स्थिति में, उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है ll  अगरिया समाज अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति चाहे वो महिला हो पुरुष हो वृद्ध हो या बच्चे हो कोई भी यदि इस योजना से जुड़ा है और उसके साथ कोई अप्रिय घटना (आकस्मिक मृत्यु) घट जाती है उस स्थिति उनके परिवार को इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा ll इस योजना के कुछ नियम और शर्त भी है जो निम्नलिखित है :-  1- इस योजना  से मृत्यु सहायता उन्ही को मिलेगा जो इस योजना मे अपना रेजिस्ट्रेशन किये होंगे (जुड़े होंगे)ll 2-  इस योजना से जुड़े किसी भी व्यक्ति के निधन होने पर,इस योजना मे जुड़े सभी सदस्यों को सहयोग करना आवश्यक होगा ll उदाहरण :- यद...

अगरिया जनजाति समाज का राष्ट्रीय कार्यक्रम सम्पन्न हुआ 15.11.2024 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का पांचवा स्थापना दिवस ll

अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास का संस्था लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का पांचवा स्थापना दिवस 15.11.2024 को कोतमा कुशा भाऊ ठाकरे मंगल भवन मे सम्पन्न हुआ ll कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया समाज के बच्चे एवं बच्चियों ने बहुत ही सुन्दर आदिवासी गाने एवं अगरिया समाज गीत पर नृत्य प्रस्तुत किये ll  संस्था के फाउंडर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया द्वारा बताया गया की संस्था का मुख्य उद्देश्य अगरिया जनजाति के स्तर को , आर्थिक, शैक्षिक एवं सामाजिक स्तर से मजबूत बनाना है ll अगरिया जनजाति समाज बहुत ही पिछड़ा समाज है जिसका कोई अस्तित्व नहीं है इस जनजाति समाज के लोग ना तो नौकरी मे है ना ही शिक्षित है और ना ही व्यवसायिक है ll बताया गया की अगरिया जनजाति समाज के लोग पूर्व प्राचीन समय मे जंगलो मे निवास करते थे जहा वो लोहा बनाने (गलाने) का काम करते थे ll अगरिया जनजाति ही वो समाज है जिसने सर्वप्रथम लौह अयस्क(लौह पत्थर) की पहचान किया और पारम्परिक भट्टी मे लौह अयस्क को गलाकर लोहा जैसे चमत्कारिक धातु को बनाया और देश दुनिया समाज को लोहा से अवगत कराया , यानि लोहा बनाने की संस्क...