💥 राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...
ज़िला सिंगरौली (म.प्र) मे दिनांक 23/03/2025 को अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम संपन्न हुआ ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन
दिनांक 23/03/2025 को ज़िला सिंगरौली मध्यप्रदेश के ग्राम भड़सेरा मे लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम संपन्न हुआ ll कार्यक्रम की शुरुआत अगरिया जनजाति के इष्ट देव लोहासुर देवता के पूजन के साथ हुआ ll अगरिया जोड़ो अभियान कार्यक्रम ज़िला सिंगरौली के नोडल महोदय एवं आये सभी स्वजातीय बंधुओ एवं फाउंडेशन कार्यकर्ताओ का फूल माला पहना कर स्वागत किया गया ll कार्यक्रम मे फाउंडेशन के फाउंडर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया पहुचे ll दशरथ प्रसाद अगरिया जी के द्वारा जिला सिंगरौली को सम्बोधित करते हुए बताया गया की अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य सम्पूर्ण भारत अंतर्गत अगरिया जनजाति समाज को संगठित करना, अगरिया जनजाति समाज का संरक्षण, अगरिया आदिवासी समाज की संस्कृति (लौह अयस्क से लोहा का निर्माण पारम्परिक तकनीक से ) एवं फाउंडेशन द्वारा समाज के उत्थान विकास मे चलाये जा रहे गतिविधि से अवगत कराना एवं संगठन से समाज को जोड़ना है ll बताया गया की अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन ...