ज़िला उमरिया मप्र का अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम 2025 का प्रथम चरण ग्राम बोदली मे संपन्न हुआ ll 👇 लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे ज़िला उमरिया के ग्राम बोदली मे, उमरिया जिले का अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम का प्रथम चरण सम्पन्न हुआ ll दूसरा चरण माह जून एवं जुलाई के मध्य मे रखा जायेगा ll फाउंडेशन की ओर से जिलों के कार्यकर्त्ताओं से फाउंडेशन से जुड़ने एवं फाउंडेशन सम्बंधित गतिविधियों को जिलों मे पहुंचाने एवं जिलों को मजबूत बनाने के लिए फाउंडेशन अंतर्गत सभी जिलों मे अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम का आयोजन दो चरण मे करावाया जाता है ll पहला चरण माह दिसंबर - जनवरी के मध्य मे 1 दिन एवं दूसरा चरण माह जून एवं जुलाई मे सम्पन्न होना है ll उक्त फाउंडेशन के निर्देशनुसार ज़िला उमरिया मप्र का अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम दिनांक 25/01/2026 को संपन्न हुआ ll बैठक मे कई जिले से सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे एवं निम्नलिखित बिन्दुओ पर चर्चा हुआ ll 1- माह - फाउंडेशन द्वारा जिलों मे निर्धारित मार्च एवं अप्र...
असुर भाग -१ समुद्र मंथन के प्रारम्भ से देवताओ व दानवो के मध्य लम्बे समय समय तक चले आ रहे घमासान युद्ध को महाभारत में बहुत सुन्दर तरीके से चित्रित किया गया है इस महाकाव्य में बहुत सुन्दर तरीके से बताया गया है की किस प्रकार सर्प को रज्जु बनाकर तब तक समुद्र मंथन किया गया जब तक उसमे से मंथन के कारन अनेक शुभ सुन्दर उपयोगी वस्तु न निकल आये जिन्हे ललचाई दृष्टि से देवता लोग हड़प जाना चाहते थे। इस प्रक्रिया और दानव एक दुसरे के सामने थे। चंद्र और अमृत घट पाने के लिए देवताओ और दानवो के मध्य विकराल संग्राम हुआ। तभी भगवान् विष्णु ने मायावी रूप धार कर दानवो को भ्रमित कर दिया और दानव हताशा में देखते रहे की समुद्र से बहुमूल्य निकलकर उनके पास से जा रही है। ऐसी बीच दानवो के मध्य असुर राहू ने अमृत घट की कुछ बूंदो का स्वाद पान कर लिया है और इसके पहले की वह उन बूंदो को गटक पाता ,नारायण ने उसकी गर्दन धड़ दी। राहु का सर एक तेज ध्वनि के साथ आकाश मे उड़ गया और भीषण गर्जना के साथ उसका धड ज़मीन पर गिरा जिससे पृथ्वी के सारे जंगल और पहाड़ काँप उठे l परन्...