अगरिया जनजाति : हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारा गौरव अगरिया जनजाति भारत की महत्वपूर्ण आदिवासी समुदायों में से एक है। मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों की सरकारी सूची में अगरिया (Agariya) का नाम शामिल है। अगरिया समाज की पहचान उसकी समृद्ध सामाजिक परंपराओं, प्रकृति से जुड़े जीवन-मूल्यों, लोक संस्कृति और विशेष रूप से पारंपरिक लौह-प्रगलन की विरासत से जुड़ी रही है। पीढ़ियों से लौह अयस्क से लोहे के निर्माण की पारंपरिक जानकारी अगरिया समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। लौह प्रगलन : अगरिया समाज की गौरवशाली विरासत अगरिया समुदाय की सबसे विशिष्ट पहचान उसकी पारंपरिक लौह-प्रगलन परंपरा है। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और पीढ़ियों से विकसित तकनीकी समझ के आधार पर लौह अयस्क से उपयोगी लोहा तैयार करने की परंपरा ने अगरिया समाज को एक विशिष्ट पहचान दी। यह केवल लोहे के निर्माण की तकनीक नहीं थी, बल्कि इसमें स्थानीय ज्ञान, प्रकृति की समझ, श्रम, कौशल और सामुदायिक परंपरा का समन्वय दिखाई देता है। इसी गौरवशाली विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अगरि...
आदिवासी छात्रा कु. हेमवती सिंह रेउला का हुआ कन्या शिक्षा परिसर मे प्रवेश ll विदाई समारोह बच्ची का स्कूल से ms रेउला मे,बहुत ही भावुक पल था ll माध्यमिक विद्यालय रेउला
आज दिनांक 09/07/2024 स्कूल शासकीय माध्यमिक विद्यालय रेउला मे कक्षा 6 की छात्रा कुमारी हेमवती सिंह पिता शंकर सिंह निवासी रेउला का बहुत ही भावुक विदाई हुआ ll आइये बताते है क्या है पूरा मामला ll हेमवती का 2023/24 मे माध्यमिक विद्यालय रेउला के माध्यम से आवसीय विद्यालय कक्षा 6 मे प्रवेश हेतु जनजाति कार्य विभाग पोर्टल से टेक्स्ट परीक्षा हेतु आवेदन किया गया था बच्ची ने प्रवेश परीक्षा मे अच्छे अंक से प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण की और उसका नाम मेरिट लिस्ट मे आया था ll जिसका आवसीय विद्यालय कन्या शिक्षा परिसर कोतमा मे सेलेक्शन हुआ ll आज माध्यमिक विद्यालय रेउला मे हेमवती का अंतिम दिवस रहा है क्योंकि लड़की का सेलेक्शन हुआ तो संस्था द्वारा अन्य संस्था मे नाम लिखवाने हेतु संस्था से टीसी दिया गया तथा बच्ची हेमवती को माध्यमिक विद्यालय से विदाई दिया गया विदाई का पल बहुत ही भावुक रहा ll विदाई समारोह कार्यक्रम का आयोजन संस्था के शिक्षक श्री दशरथ प्रसाद अगरिया द्वारा माध्यमिक शिक्षक द्वारा किया गया ll विदाई कार्यक्रम का पूरा खर्च उनके द्वारा किया गया ll दशरथ प्रसाद अगरिया जी द्वारा बच...