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मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना (अगरिया समाज संगठन भारत) लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की नयी पहल

मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास के लिए प्रमुख पहल है ll यह योजना (अगरिया समाज संगठन भारत) लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे आरम्भ किया गया है ll आइये जानते है मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना क्या है :- मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के लिए एक ऎसी योजना है जहाँ इस योजना अंतर्गत जुड़े किसी व्यक्ति के दिवंगत ( मृत) होने पर दिवंगत व्यक्ति के परिवार (नॉमिनी) को आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है ll  इस योजना की शुरुआत लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन (अगरिया समाज संगठन भारत) के संस्थापक मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया ज़ी के द्वारा किया गया है ll इस योजना के माध्यम से अगरिया जनजाति समाज को सहयोग प्रदान करना लक्ष्य है ll अक्सर देखा गया है की कुछ परिवार ऐसे है जहाँ मुखिया या किसी परिवार के सदस्य के दिवंगत हो जाने पर परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो जाता है यहाँ तक की दिवंगत सदस्य के क्रिया कर्म करने तक के लाले पड़ जाते है ll इन सारे बातो...

agariya kaoun haiअगरिया कौन है

  अगरिया मध्य भारत के वे आदिवासी समुदाय है जो लोहा गलाने यानि की लौह प्रगलक का कार्य करते है उनका मुख्य व्यवसाय लोहे से जुड़ा होता है अगरिया अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आते है। अगरिया समुदाय पत्थर से लोहा गलाते है लेकिन वर्तमान  में पत्थर पर सरकार द्वारा रोक लगाया गया  है जिससे उनका व्यवसाय काफी प्रभावित है। अतः अगर वर्तमान की बात करे तो अगरिया समुदाय इस समय अपने क्षेत्र में जिस ग्राम या परिवेश में रह रहे है वही के लोगो का उपयोग की सामग्री बनाकर उनको देते है तथा अपने किसानो का (जिनके ऊपर वे आश्रित है ) समबन्धी समस्तलोहे का कार्य करते है एवं अपने मेहनत का पैसा या खाद्यान्न लेकर अपने एवं अपने बच्चो का पालन पोषण कर रहे है। अगरिया समुदाय की पहचान अभी भी कई जगह में एक समस्या है है कई जगह उनको गोंड भी कह दिया जाता है ,लेकिन ऐसा कहना किस हद तक सही है पर  ,हां अगरिया को गोंडो का लोहार जरूर कहा जाता है लेकिन वास्तव में में अगरिया गोंड नहीं है बल्कि  गोंडो की उपजाति है। अगरिया मध्य भारत के लोहा पिघलाने वाले और लोहारी करने वाले लोग है जो अधिकतर मैकाल पहाड़ी क्षेत...