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राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी) राजा लौहगुंडी:-अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक

💥   राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के  नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...

अगरिया समाज की बैठक सिंगरौली मे संपन्न हुआ (लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे ll

सिंगरौली मध्यप्रदेश मे दिनांक 07/05/2023 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे अगरिया जनजाति समाज की बैठक संपन्न हुई ll जहाँ अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास के सम्बन्ध मे शपथ ग्रहण एवं एजेंडा वाचन हुआ  ll राष्ट्रीय संघ द्वारा  नियुक्त माननीय नोडल महोदय श्री बीरबल अगरिया जी द्वारा संघ द्वारा प्रदाय एजेंडा को उपस्थित समस्त उपस्थित स्वजातीय बंधुओ को बिंदुवार पढ़कर बताया गया ll समाज मे शिक्षा को लेकर चर्चा हुआ जहाँ समाज मे बच्चों को शिक्षित करने हेतु बच्चों को सहयोग देना, समाज मे नशा का लेनदेन बंद करना, समाज मे नशापान करके बैठने ओर प्रतिबंधित करने, अगरिया समाज को संगठित करने करने तथा समाज को एक विचार धारा मे चलने तथा अगरिया जनजाति को संरक्षित करने  तथा अगरिया जनजाति के स्तर रहन सहन को देखते हुए अगरिया जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति मे सम्मिलित करने हेतु मध्यप्रदेश सरकार से मांग पर चर्चा हुआ ll इसके अलावा सभी को बताया गया की लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर मे खड़े अगरिया समाज के व्यक्ति को संगठन से जोड़ना हैं ...