अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...
ज़िला कोरिया (शंकरगढ़)छत्तीसगढ़ मे अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण का भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ ll राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत मे मार्गदर्शन मे ll
दिनांक -27/03/2022 को राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के मार्गदर्शन मे ज़िला कोरिया शंकरगढ़ मे अगरिया समाज का भव्य कार्यक्रम एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम नोडल अधिकारी कार्यकर्त्ता श्री लल्लू अगरिया एवं शोभनाथ अगरिया जी की उपस्थिति संपन्न हुआ ll जहाँ राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया जी एवं कोषाध्यक्ष सूरज अगरिया भी उपस्थित रहे llकार्यक्रम आयोजक श्री सुकुल नागवंशी जिलाध्यक्ष एवं सुखित अगरिया, अशोक अगरिया जी सहित सम्पूर्ण कोरिया जिले के कार्यकर्त्ता एवं स्वजातीय बंधुओ ने बहुत ही रोचक एवं प्रभावशाली तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किये ll कार्यक्रम रूपरेखा मे दीप प्रज्वलन नोडल कार्यकर्त्ता साथियो द्वारा एवं राष्ट्र गान, तथा अतिथियो का स्वागत नृत्य एवं गायन के साथ किया गया तथा मीटिंग मे ज़िला कोरिया मे सम्पूर्ण जिले के स्वजातीय बंधु, कार्यकर्त्ता एवं महिला शक्तियां भारी संख्या मे उपस्थित रहे ll नोडल कार्यकर्ताओ के अलावा अन्य जिले से अगरिया समाज के कार्यकर्त्ता मौजूद रहे ll सुबोध अगरिया जी, अर्जुन अगरिया जी, विमला अगरि...