अगरिया जनजाति : हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारा गौरव अगरिया जनजाति भारत की महत्वपूर्ण आदिवासी समुदायों में से एक है। मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों की सरकारी सूची में अगरिया (Agariya) का नाम शामिल है। अगरिया समाज की पहचान उसकी समृद्ध सामाजिक परंपराओं, प्रकृति से जुड़े जीवन-मूल्यों, लोक संस्कृति और विशेष रूप से पारंपरिक लौह-प्रगलन की विरासत से जुड़ी रही है। पीढ़ियों से लौह अयस्क से लोहे के निर्माण की पारंपरिक जानकारी अगरिया समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। लौह प्रगलन : अगरिया समाज की गौरवशाली विरासत अगरिया समुदाय की सबसे विशिष्ट पहचान उसकी पारंपरिक लौह-प्रगलन परंपरा है। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और पीढ़ियों से विकसित तकनीकी समझ के आधार पर लौह अयस्क से उपयोगी लोहा तैयार करने की परंपरा ने अगरिया समाज को एक विशिष्ट पहचान दी। यह केवल लोहे के निर्माण की तकनीक नहीं थी, बल्कि इसमें स्थानीय ज्ञान, प्रकृति की समझ, श्रम, कौशल और सामुदायिक परंपरा का समन्वय दिखाई देता है। इसी गौरवशाली विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अगरि...
15 नवंबर को फाउंडेशन का चौथा स्थापना दिवस 2023 कहाँ और कैसे मनाया जाना है गाइडलाइन जारी लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा ll
लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का स्थापना दिवस कब और कैसे मनाया जाना है फाउंडेशन द्वारा गाइड लाइन जारी कर दी गयी है ll आपको बता दे लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का (निर्माण )स्थापना दिनांक 15 नवंबर 2019 को हुआ था जिसका उद्देश्य अगरिया जनजाति समाज को संरक्षित करना संस्कृति को संरक्षित करना, संगठित समाज का निर्माण सम्पूर्ण भारत स्तर पर करना,शिक्षा, नशा मुक्ति, सहयोग, एवं अगरिया समाज के सम्पूर्ण उत्थान विकास को लेकर कई उद्देश्य के तहत फाउंडेशन कार्य कर रहा है ll उक्त कई वर्षो से फाउंडेशन लगातार अगरिया समाज के अस्तित्व की प्राप्ति हेतु प्रयास करता चला आ रहा है ll फाउंडेशन सफलता पूर्वक 3 वर्ष पूरा कर चुका ll अब आने वाले 15 नवंबर 2023 को संगठन का चौथा स्थापना दिवस मनाया जाना है जिसके सम्बन्ध मे संगठन ने गाइड लाइन जारी कर दिया है की कहाँ,कैसे, किस प्रकार फाउंडेशन का स्थापना दिवस मनाया जाना है ll फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ अगरिया द्वारा जानकारी दी गयी की फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस जो 15 नवंबर 2023 को मनाया जाना है उसको अगरिया जनजाति के गौरव दिवस के रूप मे मनाय...