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मरावी गोत्र (अगरिया जनजाति मे मरावी गोत्र)

अगरिया जनजाति भारत की एक अत्यंत प्राचीन, पारम्परिक और गौरवशाली लौह-शिल्पी (लोहा गलाने और औजार बनाने वाली) आदिम जनजाति है। अगरिया समाज की सामाजिक संरचना और उसकी गोत्र व्यवस्था बेहद समृद्ध और प्रकृति से जुड़ी हुई है। इस समाज में लगभग 89 प्राकृतिक या प्रकृति-आधारित गोत्र माने जाते हैं, जिनमें से मरावी (Maravi) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित गोत्र है। ​मरावी गोत्र का अर्थ और प्राकृतिक प्रतीक ​आदिवासी समाज में गोत्रों का नामकरण और उनकी संरचना प्रकृति (पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, नदियाँ या जीव-जंतुओं) के आधार पर होती है। ​ शाब्दिक अर्थ: गोंडी और आदिम सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार, गोत्रों के अंत में आने वाले अक्षरों का अपना एक विशेष प्राकृतिक संकेत होता है। मरावी शब्द की उत्पत्ति भी इसी प्राकृतिक जुड़ाव से है, जो मुख्य रूप से वनस्पति, लता (वेली) या किसी विशिष्ट प्राकृतिक टोटम (प्रतीक) को दर्शाता है। ​ टोटम (प्रतीक) के प्रति श्रद्धा: मरावी गोत्र के लोग अपने पारंपरिक प्राकृतिक प्रतीक (टोटम) को बेहद पवित्र मानते हैं। इस गोत्र के नियमों के अनुसार, अपने प्रतीक जीव या वनस्पति को ...

मरावी गोत्र (अगरिया जनजाति मे मरावी गोत्र)

अगरिया जनजाति भारत की एक अत्यंत प्राचीन, पारम्परिक और गौरवशाली लौह-शिल्पी (लोहा गलाने और औजार बनाने वाली) आदिम जनजाति है। अगरिया समाज की सामाजिक संरचना और उसकी गोत्र व्यवस्था बेहद समृद्ध और प्रकृति से जुड़ी हुई है। इस समाज में लगभग 89 प्राकृतिक या प्रकृति-आधारित गोत्र माने जाते हैं, जिनमें से मरावी (Maravi) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित गोत्र है। ​मरावी गोत्र का अर्थ और प्राकृतिक प्रतीक ​आदिवासी समाज में गोत्रों का नामकरण और उनकी संरचना प्रकृति (पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, नदियाँ या जीव-जंतुओं) के आधार पर होती है। ​ शाब्दिक अर्थ: गोंडी और आदिम सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार, गोत्रों के अंत में आने वाले अक्षरों का अपना एक विशेष प्राकृतिक संकेत होता है। मरावी शब्द की उत्पत्ति भी इसी प्राकृतिक जुड़ाव से है, जो मुख्य रूप से वनस्पति, लता (वेली) या किसी विशिष्ट प्राकृतिक टोटम (प्रतीक) को दर्शाता है। ​ टोटम (प्रतीक) के प्रति श्रद्धा: मरावी गोत्र के लोग अपने पारंपरिक प्राकृतिक प्रतीक (टोटम) को बेहद पवित्र मानते हैं। इस गोत्र के नियमों के अनुसार, अपने प्रतीक जीव या वनस्पति को ...