अगरिया जनजाति : हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारा गौरव अगरिया जनजाति भारत की महत्वपूर्ण आदिवासी समुदायों में से एक है। मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों की सरकारी सूची में अगरिया (Agariya) का नाम शामिल है। अगरिया समाज की पहचान उसकी समृद्ध सामाजिक परंपराओं, प्रकृति से जुड़े जीवन-मूल्यों, लोक संस्कृति और विशेष रूप से पारंपरिक लौह-प्रगलन की विरासत से जुड़ी रही है। पीढ़ियों से लौह अयस्क से लोहे के निर्माण की पारंपरिक जानकारी अगरिया समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। लौह प्रगलन : अगरिया समाज की गौरवशाली विरासत अगरिया समुदाय की सबसे विशिष्ट पहचान उसकी पारंपरिक लौह-प्रगलन परंपरा है। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और पीढ़ियों से विकसित तकनीकी समझ के आधार पर लौह अयस्क से उपयोगी लोहा तैयार करने की परंपरा ने अगरिया समाज को एक विशिष्ट पहचान दी। यह केवल लोहे के निर्माण की तकनीक नहीं थी, बल्कि इसमें स्थानीय ज्ञान, प्रकृति की समझ, श्रम, कौशल और सामुदायिक परंपरा का समन्वय दिखाई देता है। इसी गौरवशाली विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अगरि...
दिनांक 27/08/2023 को ग्राम अमलाडीह ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा जो की जिला कोरबा छत्तीशगढ़ मे आता हैं ll अगरिया समाज का बैठक लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के माननीय डायरेक्टर महोदय श्री रामखिलावन अगरिया जी, कार्यकर्त्ता दुबराज सिंह अगरिया जी, उमेंद अगरिया जी, पोराशाय अगरिया जी की मुख्य आयोजन मे संपन्न हुआ इसके आलावा कई स्वजातीय बंधु एवं माताए बहने कार्यक्रम मे उपस्थित रहे llअगरिया जनजाति समाज को एक करने वाला मंच लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के राष्ट्रीय महासम्मेलन 2023 को लेकर जो की जिला अनूपपुर मध्यप्रदेश के कोतमा मे दिनांक 24/09/2023 को संपन्न होना हैं उक्त के सम्बन्ध मे बैठक का आयोजन हुआ ll जहाँ बैठक मे उपस्थित समस्त स्वजातीय बंधुओ माताओ बहनो को कार्यक्रम मे सम्मिलित होने हेतु कहा गया ll एवं संगठन जो की समाज के उत्थान विकास के लिए हैं जिसका निर्माण राष्ट्रीय स्तर पर किया गया हैं जिनके गतिविधियों के आयोजन हेतु सामाजिक सहयोग की भी बात रखी गयी जहाँ बैठक मे उपस्थित समस्त स्वजातीय बंधुओ ने अपने सहमति दर्ज की और राष्ट्रीय महासम्मेलन 2023 कार्यक्रम मे सम्मिलित होने एवं अ...