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राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी) राजा लौहगुंडी:-अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के नायक

💥   राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया जनजाति का उनसे क्या संबंध है? (विस्तृत जानकारी)💥 राजा लौहगुंडी:👉अगरिया जनजाति की लोकपरंपरा के  नायक अगरिया जनजाति की मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और धार्मिक विश्वासों में राजा लौहगुंडी (लोगुंडी राजा) को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्हें लौह-विद्या के संरक्षक, महान शासक और अगरिया समाज के आदर्श पूर्वज के रूप में याद किया जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राजा लौहगुंडी से संबंधित अधिकांश विवरण लोककथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें समुदाय की सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा माना जाता है, न कि सभी प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य। 1. राजा लौहगुंडी कौन थे? अगरिया समाज की मान्यता के अनुसार राजा लौहगुंडी एक शक्तिशाली असुर राजा थे। उनका राज्य लोहागुंडी (या लोहरीपुर) कहलाता था, जिसे लौह-कला, धातु विज्ञान और समृद्धि का केंद्र माना जाता है। लोककथाओं में इस राज्य का वर्णन एक ऐसी नगरी के रूप में मिलता है जहाँ लोहे के उपयोग और निर्माण की अद्भुत परंपरा विकसित थी। समाज की धार्मिक मान्यताओं में उन्हें लोहासुर से जुड़ा हुआ...

ज़िला -डिंडोरी (म.प्र ) मे अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुआ ll राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के मार्गदर्शन मे ll दिनांक -15/04/2022 को

राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के नेतृत्व मे करंजिया अरुषा धसकन टोला ज़िला डिंडोरी मप्र मे दिनांक -15/04/2022 को अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जहाँ राष्ट्रीय स्तर से संगठन द्वारा नियुक्त नोडल सम्मानीय दादा दिलहरण अगरिया एवं मनराखन अगरिया रहे है ll  मीटिंग प्रारम्भ के पूर्व अगरिया जनजाति के इष्ट देवता लोहासुर की पूजा अर्चना एवं स्तुति की गयी  तथा सभी सम्मानीय नोडल महोदय एवं विशिष्ट अतिथियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया इसके पश्चात नोडल महोदय  श्री दादा दिलहरण अगरिया जी द्वारा संगठन द्वारा प्रदाय एजेंडा का विधिवत विश्लेषण करते हुए संगठन की विचार धाराओं से सभी को अवगत कराये एवं संगठन द्वारा समाज के प्रति चलाये जा रहे मुहीम से सभी को जुड़ने को प्रेरित किये ll तथा बताया गया की सभी को संगठन से जुड़ना है एवं संगठन के उद्देश्य को जन जन तक पहुँचाना है जिससे हमारा समाज एक संगठित समाज हो सके एवं समाज मे व्याप्त कुरीतियों को दूर किया जा सके जिससे समाज एक सशक्त समाज के रूप मे सामने आ सके ll स...