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अगरिया जनजाति से जुड़ी ख़ास बाते एवं उनका रहन सहन

अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...

ज़िला -डिंडोरी (म.प्र ) मे अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुआ ll राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के मार्गदर्शन मे ll दिनांक -15/04/2022 को

राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के नेतृत्व मे करंजिया अरुषा धसकन टोला ज़िला डिंडोरी मप्र मे दिनांक -15/04/2022 को अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जहाँ राष्ट्रीय स्तर से संगठन द्वारा नियुक्त नोडल सम्मानीय दादा दिलहरण अगरिया एवं मनराखन अगरिया रहे है ll  मीटिंग प्रारम्भ के पूर्व अगरिया जनजाति के इष्ट देवता लोहासुर की पूजा अर्चना एवं स्तुति की गयी  तथा सभी सम्मानीय नोडल महोदय एवं विशिष्ट अतिथियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया इसके पश्चात नोडल महोदय  श्री दादा दिलहरण अगरिया जी द्वारा संगठन द्वारा प्रदाय एजेंडा का विधिवत विश्लेषण करते हुए संगठन की विचार धाराओं से सभी को अवगत कराये एवं संगठन द्वारा समाज के प्रति चलाये जा रहे मुहीम से सभी को जुड़ने को प्रेरित किये ll तथा बताया गया की सभी को संगठन से जुड़ना है एवं संगठन के उद्देश्य को जन जन तक पहुँचाना है जिससे हमारा समाज एक संगठित समाज हो सके एवं समाज मे व्याप्त कुरीतियों को दूर किया जा सके जिससे समाज एक सशक्त समाज के रूप मे सामने आ सके ll स...