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रायगढ़ के गेरवानी में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: समाज को सशक्त और नशामुक्त बनाने का संकल्प एवं फाउंडेशन के सभी गतिविधियों मे सक्रिय भागीदारी निभाने पर चर्चा ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृव मे

रायगढ़ के गेरवानी में अगरिया समाज का जिला विकास अभियान कार्यक्रम संपन्न: समाज को सशक्त और नशामुक्त बनाने का संकल्प एवं फाउंडेशन के सभी गतिविधियों मे सक्रिय भागीदारी निभाने पर चर्चा ll ​ रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व में दिनांक 21 जून 2026 को जिला रायगढ़ के ग्राम गेरवानी में 'अगरिया समाज जिला विकास अभियान' कार्यक्रम का गरिमामयी संपादन हुआ। यह पूरा कार्यक्रम जिलाध्यक्ष उबरन अगरिया एवं उनकी पूरी टीम के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। ​इस महत्वपूर्ण बैठक में फाउंडेशन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने, जिले में इसकी गतिविधियों को और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज के उत्थान के लिए कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष रणनीति तैयार की गई। ​📌 इन मुख्य बिंदुओं पर हुआ गहन मंथन ​कार्यक्रम के दौरान समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई गंभीर और प्रगतिशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई: ​ सक्रिय भागीदारी: फाउंडेशन की आगामी गतिविधियों जैसे अगरिया जनजाति गौरव दिवस (फाउंडेशन 7वा स्थ...

ए टी एम् जारी होते ही हो जाता है पांच लाख बीमा

ए टी एम् जारी होते ही हो  जाता है  पांच लाख  बीमा  बैंको में ए टी एम् धारको का होता है दुर्घटना बीमा  किसी भी राष्ट्रीकृत या गैर राष्ट्रीकृत बैंक के उपभोक्ता ने यदि बैंक से ए टी एम् जारी करवाया है तो ए टी एम् जारी होते ही उस उपभोक्ता का 25000 से लेकर 5 लाख तक का दुर्घटना बीमा बैंक ने करवाया है।  यह जानकारी 99 % उपभोक्ताओं को नहीं है इतना ही नहीं बीमा योजना बिना कोई राशि जमा किये विकलांगता से लेकर मौत होने तक के मुआवजे का प्रावधान है।  बैंको में ए टी एम् धारको के लिए बीमा योजना प्रारम्भ हुए कई साल हो गए लेकिन आज तक लोगो को इस बात की जानकारी तक नहीं है और ना ही बैंक अधिकारी कर्मचारी कभी अपने ग्राहकों को यह बताते है। बैंको के ए टी एम् उपयोग करने वाले उपभोक्ता की यदि किसी दुर्घटना में मौत होती है तो उसके परिजन नियमानुसार मुआवजा पाने के अधिकारी हो जाते है।  लेकिन यह बात ज्यादातर लोगो को पता नहीं होती और बैंक आश्रितों को मिलने वाली राशि दबा लेती है।  इस स्थिति में ए टी एम् धारक को मिलता है लाभ  * दुर्घटना में एक हाथ और पैर से विकलांग होने पर 5...

जनजाति की विशेषता

  जनजाति की विशेषता :- 1 - सामान्य भाषा -प्रत्येक जनजाति की अपनी एक भाषा होती है , जिसके माध्यम से ये अपने अपने विचारो को व्यक्त करते है। जनजातियाँ प्रायः स्थानीय बोलियों का प्रयोग करते है।  2 -एक नाम -प्रत्येक जनजाति अपने नाम से पहचानी जाती है जनजाति के सदस्य अपने नाम से ही अपना परिचय प्रस्तुत करते है। जैसे -अगरिया ,गोंड ,बैगा आदि  3 -निश्चित भू भाग -जनजाति एक निश्चित भू भाग में निवास करती है।  एक निश्चित भू भाग में निवास करने के कारन ही जनजातियों में सामान्य जीवन की विशेषताएं विकसित हो  जाती है। इनकी संस्कृति ही इनकी पहचान है। जैंसे अगरिया छत्तिश्गढ़ में छोटा नागपुर के पठार एवं मध्यप्रदेश में डिंडोरी से नेतरहाट  या अमरकंटक जैसे कई क्षेत्रो में रेखांकित किया जा सकता है। बैगा जनजाति का बैगाचक क्षेत्र ,भरिया जनजाति का पातालकोट क्षेत्र ,माडिया जनजाति का अबूझमाड़ क्षेत्र।  निश्चित भू भाग जनजातियों की विशिष्ट पहचान है।  4 -सामान्य संस्कृति -प्रत्येक जनजाति अपनी विशिष्ट संस्कृति से जानी जाती है।  किन्तु एक ही जनजाति के सभी सदस्यों में एक सा...

जनजाति से आशय ,जनजाति क्या है ,जनजाति किसे कहते है

  जनजाति से आशय- भारतीय समाज  में जनजाति से  आशय वन्य जाती ,आदिवासी ,वनवासी, आदिमजाति गिरिजन आदि से है ,ये जनजाति ऐसे लोगो का समूह या समुदाय है जो आज भी जंगलो में निवास करते है। प्राकृतिक साधनो से ही अपना भोजन ग्रहण  करते है। आधुनिक सभ्य समाज से दूर रहते है तथा शिक्षा ,कृषि ,उद्योग धंधे आदि से अपरिचित है।  भारत की जनगणना 1991 के अनुसार -ये अपने सीमित साधनो से केवल जीवित रहना ही सीख सके है और आज भी विज्ञान  की इस चका चौंध व सभ्यता की होड़ से अपरिचित है। ऐसे ही अपरिचित लोगो का उल्लेख भारतीय संविधान में अनुसूचित आदिम जनजाति या जनजाति (ट्राइबल ) के अंतर्गत किया जाता है। " भारतीय इतिहास  में यदि बात करे तो आदिवासी समूह का वर्णन प्राचीन समय से मिलता है। डॉ श्री नाथ शर्मा जी  जनजातीय अध्यन के अनुसार -"भारतीय समाज में प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक आदि समूहों एवं वनवासियों का उल्लेख प्राप्त होता रहा है। वैदिक एवं उत्तर वैदिक काल तथा महाकाव्य काल में जनजातियों के नाम भी उल्लेखित है। जनजाति या आदिम जाती अथवा आदिवासी ट्राइब्स  tribes शब्द का हिंदी रूपां...