अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...
भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ *प्रथम अनुसूची - इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों (29 राज्य )एवं संघशासित क्षेत्रो (7 ) का उल्लेख है। *द्वितीय अनुसूची - इसमें भारतीय राजव्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों को प्राप्त होने वाले वेतन ,भत्ते तथा पेंशन आदि का उल्लेख किया गया है। *तृतीय अनुसूची - इसमें विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा पद ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख है। *चौथी अनुसूची - इसमें विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रो का राज्य सभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है। *पांचवी अनुसूची - इसमें विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रो और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख है। *छठी अनुसूची - इसमें असम ,मेघालय ,त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रो प्रशासन के बारे उल्लेख है। *सातवीं अनुसूची - इसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों के बटवारे के बारे में दिया गया है इसके अंतर्गत तीन सूचिया है। -संघ सूची ,राज्य सूची एवं समवर्ती सूची। *आठवीं अनुसूची - इसमें भारत की 22 भाषाओ उल्ल...