अगरिया जनजाति का पोर्ते (Porte) गोत्र – उत्पत्ति, इतिहास, टोटम एवं सामाजिक महत्व 🚩 जय अगरिया • जय लोहासुर • जय अंगारमोती माता 🚩 अगरिया जनजाति में पोर्ते (Porte) एक प्रतिष्ठित और प्राचीन गोत्र माना जाता है। यह गोत्र विशेष रूप से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है। पोर्ते गोत्र के लोग अपने सामाजिक अनुशासन, प्रकृति-पूजा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के पालन के लिए जाने जाते हैं। ध्यान दें: अगरिया जनजाति की गोत्र परंपराएँ मुख्यतः मौखिक परंपरा पर आधारित हैं। इसलिए विभिन्न क्षेत्रों में इनके बारे में अलग-अलग मान्यताएँ मिल सकती हैं। 1. पोर्ते गोत्र की उत्पत्ति "पोर्ते" शब्द की उत्पत्ति के संबंध में विभिन्न स्थानीय मान्यताएँ प्रचलित हैं। कुछ बुजुर्गों के अनुसार "पोर्ते" शब्द का संबंध किसी प्राचीन कुल-पुरुष या वीर पूर्वज से माना जाता है। कुछ स्थानों पर इसे जंगल और प्रकृति से जुड़े एक पारंपरिक कुल का नाम माना जाता है। लोककथाओं के अनुसार यह गोत्र उन परिवारों से विकसित हुआ जो लौह प्रगलन (Iron Smelting) कार्य में दक्ष थे और ...
अगरिया समाज जोड़ो अभियान 2026: शहडोल जिले के ग्राम कर्चुल (भटिया) में सामाजिक एकता और जागरूकता का सफल आयोजन दिनांक: 28 जून 2026 ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे
अगरिया समाज जोड़ो अभियान 2026: शहडोल जिले के ग्राम कर्चुल (भटिया) में सामाजिक एकता और जागरूकता का सफल आयोजन दिनांक: 28 जून 2026 स्थान: ग्राम कर्चुल (भटिया), जिला शहडोल (मध्य प्रदेश) जय अगरिया • जय लोहासुर • जय भारत 🚩 लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन में अगरिया समाज जोड़ो अभियान 2026 के अंतर्गत 28 जून 2026 को जिला शहडोल के ग्राम कर्चुल (भटिया) में एक भव्य एवं प्रेरणादायी सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला शहडोल के जिलाध्यक्ष श्री गनपत अगरिया एवं बुढ़ार ब्लॉक अध्यक्ष श्री विश्वनाथ अगरिया के कुशल नेतृत्व एवं अथक प्रयासों से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के लगभग 100 से 150 स्वजातीय बंधु, मातृशक्ति एवं युवा साथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामाजिक एकता का परिचय दिया। इस अवसर पर अगरिया समाज जोड़ो अभियान 2026 के लिए लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा नियुक्त जिला शहडोल नोडल श्री सुकुल नागवंशी (कोरिया, छत्तीसगढ़) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने फाउंडेशन द्वारा निर्धारित सामाजिक एजेंडे का विस्तारपूर्वक वि...