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एजेंडा वाचन एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम ll अगरिया समाज जोड़ो अभियान 2026 जिला रायगढ़ के ग्राम सरईपाली मे सम्पन्न हुआ ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे ll

अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जो लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन से जुड़े सभी राज्यों के जिलों मे संपन्न कराया जाता है ll दिनांक 19 अप्रैल 2026 को जिला रायगढ़ के ग्राम सरईपाली मे सफलता पूर्वक संपन्न हुआ ll जिला रायगढ़ समिति एवं जिलाध्यक्ष श्री उबरन अगरिया जिनके सफल आयोजन से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ll जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम हेतु लौह प्रगलक अगरिया भारत फाउंडेशन की ओर से नोडल / मुख्य अतिथि के रूप मे श्री अन्नू अगरिया एवं श्री गजपति अगरिया की नियुक्ति हुई थी जिनको कार्यक्रम मे उपस्थित होकर अपने कुशल नेतृत्व मे कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न कराना था लेकिन दोनों नोडल के घर एक ही समय मे शादी लगन कार्यक्रम होने के वजह से दोनों नोडल उपस्थित नहीं हो पाए, दोनों नोडल की अनुपस्थिति मे रायगढ़ जिला के जिलाध्यक्ष श्री उबरन अगरिया ज़ी को ही नोडल का दायित्व फाउंडेशन द्वारा दिया गया  जिनके कुशल नेतृत्व मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम रायगढ़ जिला मे संपन्न हुआ ll  अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जहाँ आज लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के...

लोहे के औजार

लोहे का प्रयोग आज आम बात हैं लोहे की चीजें हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं ll लोहे का प्रयोग लगभग 3000 साल पहले सुरु हुआ ll जहाँ ऐसा प्रमाण मिलता हैं की अगरिया आदिवासी द्वारा लौह अयस्क से लोहा प्रगलित किया जाता था और बड़े बड़े वैज्ञानिक जैसे एलविन आदि कई वैज्ञानिको ने इस बात की पुष्टि किये हैं ll अगरिया जनजाति द्वारा लोहे पर कार्य किये जाने के कारण लोहार कहा गया जो आज भी कही कही वही बात सुनने को मिलता हैं ll महापाषाण कब्रों मे लोहे के औजार और हथियार बड़ी संख्या मे पूर्व मे मिले हैं ll करीब 2500वर्ष पहले लोहे के औजारों के बढ़ते उपयोग का प्रमाण मिलता हैं ll इनमें जंगलो एवं लकड़ी की कटाई करने के लिए कुल्हाड़ी और जुताई के लिए हलों के फाल शामिल हैं ऐसा माना जाता हैं की लोहे के फाल से क़ृषि उत्पादन बढ़ गया ll क़ृषि उत्पादन मे लोहे का महत्व :- लोहे के उत्पादन या प्रगलन से लोहे के उपयोग से क़ृषि क्षेत्र मे बड़े परिवर्तन आये हल के फाल जब लोहे के बनने लगे तो कठोर ज़मीन को लकड़ी की फाल की तुलना मे लोहे के फाल से आसानी से जोता जा सकता था ll इससे फसलो की उपज बढ़ गयी ll दूसरे, लोगो ने धान के पौधों का...

अगरिया समाज संगठन भारत की दूसरी एनिवर्सरी बड़े धूम धाम से मनाया गया

अगरिया समाज संगठन भारत की दूसरी एनिवर्सरी बड़े धूम धाम से मनाया गया  संगठन संचालक दशरथ अगरिया जी एवं अध्यक्ष श्री रामखिलावन रामखिलावन जी  के नेतृत्व में  दिनाँक 15 -11 -2021 को अगरिया समाज संगठन भारत का  दूसरा  वर्षगांठ  संगठन के समस्त कार्यकर्ताओ ने बड़े उत्साह पूर्वक मनाया  संगठन की समस्त महिला शक्तिया एवं पुरुष कार्यकर्त्ता साथिओ ने सभी को एक दुसरे को संगठन के वर्ष गाँठ की बधाईया दिए। तथा दूसरी ओर संगठन के सभी जिलाध्यक्ष ,जिलाकार्यकर्ता महिला /पुरुष सभी ने संगठन के वर्षगाँठ की बधाईया वाले पोस्टर अपने फोटो लगाकर संगठन से बनवाते हुए , सभी कार्यकर्ताओ ने पोस्टर को अपने व्हाट्सप्प प्रोफाइल पिक्चर ,स्टेटस में शेयर किये तथा फेस बुक ,टेलीग्राम, ट्विटर पर हर जगह अपने संगठन वर्षगांठ पोस्टर शेयर किये , वही दूसरी ओर संगठन की समस्त महिला शक्तियों ने संगठन को नयी उचाई एवं आयाम देने के लिए तथा समाज को एक सूत्र में बाँधने एवं पूरे भारत के अगरिया जनजाति को एक मंच में आने यानि अगरिया समाज संगठन भारत से सभी को जुड़ने जोड़ने का सन्देश देने के लिए   पूरे भार...

भारत के गवर्नर जनरल

भारत के  गवर्नर जनरल    लार्ड विलियम बैंटिंग (1828 -35 )ई-   * यह भारत का प्रथम गवर्नर जनरल था। वह सामाजिक सुधारो के लिए प्रसिद्द है। उसने सती प्रथा 1829 , ठगी , कन्या हत्या जैसी कुप्रथाओ पर रोक लगाई। *इसके काल में अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया।  1835 ई में कोलकाता मेडिकल कालेज की स्थापना की गयी।  सर चार्ल्स मेटकाफ (1835 -36 ई )- *इसे प्रेस पर प्रतिबन्ध हटाने के लिए जाना जाता है इसे प्रेस का मुक्ति दाता कहा जाता है।  लार्ड ऑकलैंड (1836 -42 ई )- *सके कार्यकाल में प्रथम अफगान युद्ध (1839 -42 ई )हुआ। इसने कलकत्ता से दिल्ली तक ग्रान्ड ट्रंक रोड का पुनरुद्वार करवाया।  लार्ड एलेनबरो (1842 -44ई  )- *इसने काबुल के सफल अभियान का संचालन किया।  *इसके शाशन काल में सिंध का विलय (1843 ई )ब्रिटिश क्षेत्र में  किया गया।  *1843 ई. के पाचवे नियम द्वारा दास प्रथा का उन्मूलन हुआ।  लार्ड हार्डिंग (1844 -48 ई.)- *इसके समय में प्रथम आंग्ल -सिख युद्ध हुआ हुआ था , जिसमे अंग्रेजो  ने  पंजाब पर प्रभुत्व स्थापित  किय...

संविधान का निर्माण

संविधान का निर्माण    संविधान की रूपरेखा  # भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली सभा का गठन जुलाई  ,1946 में (कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों पर ) किया गया।  #संविधान सभा जिसका चुनाव प्रादेशिक विधानसभाओ (केवल निम्न सदन )के सदस्यों द्वारा परोक्ष रूप से किया गया था। ,की पहली बैठक 9 दिसम्बर ,1946 को संपन्न हुई।  #मुस्लिम लीग ने संविधान सभा की पहली बैठक का बहिष्कार किया  था। इस प्रथम बैठक में  ही डॉ. सचिदानंद सिन्हा को  सर्वसम्मति से संविधान सभा  अस्थाई अध्यक्ष चुना गया। 11 दिसंबर ,1946 की बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सभा का स्थाई अध्यक्ष चुना गया।  #डॉ. बी आर अम्बेडकर की अध्यक्षता में संविधान सभा की प्रारूप समिति की स्थापना 29 अगस्त ,1947 को की गयी। अध्यक्ष सहित इसके सदस्यों की कुल संख्या सात थी। संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष ,11 महीने और 18 दिन लगे।  #26 नवंबर ,1949 को संविंधान -सभा के अध्यक्ष के हस्ताक्षर के बाद इसे पारित घोसित किया गया।  #भारत का संविधान 26 नवंबर ,1949 को अंगीकार किया गया तथा 26 जनवरी ,1950 प्र...

भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ

  भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ  *प्रथम अनुसूची - इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों (29 राज्य )एवं संघशासित क्षेत्रो (7 ) का उल्लेख है।  *द्वितीय अनुसूची - इसमें भारतीय राजव्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों को प्राप्त होने वाले वेतन ,भत्ते तथा पेंशन आदि का उल्लेख  किया गया है।  *तृतीय अनुसूची - इसमें विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा पद ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख है।  *चौथी अनुसूची - इसमें विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रो का राज्य सभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है।  *पांचवी अनुसूची - इसमें विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रो और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख है।  *छठी अनुसूची - इसमें असम ,मेघालय ,त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रो  प्रशासन के  बारे उल्लेख है।  *सातवीं अनुसूची -  इसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों के बटवारे  के बारे में दिया गया है इसके अंतर्गत तीन सूचिया है। -संघ सूची ,राज्य सूची एवं समवर्ती सूची।  *आठवीं अनुसूची - इसमें भारत की 22 भाषाओ  उल्ल...

भारत का संविधान

              भारत  का संविधान                  उद्देशिका  हम ,भारत के लोग ,भारत को एक [ सम्पूर्ण प्रभुत्व -संपन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य ] बनाने के लिए ,तथा उसके समस्त नागरिको को :   सामाजिक ,आर्थिक और राजनैतिक न्याय ,    विचार ,अभिव्यक्ति ,विशवास ,धर्म           और उपासना की स्वतंत्रता ,                 प्रतिष्ठा और अवसर की समता   प्राप्त कराने के लिए ,   तथा उन सब में   व्यक्ति  की  गरिमा और [राष्ट्र की एकता  और अखंडता ] सुनिश्चित करने वाली बंधुता    बढाने के लिए   ढृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर ,1949  ई. को एतदद्वारा इस संविधान को अंगीकृत ,अधिनियमित और आत्मार्पित करते है। 

ए टी एम् जारी होते ही हो जाता है पांच लाख बीमा

ए टी एम् जारी होते ही हो  जाता है  पांच लाख  बीमा  बैंको में ए टी एम् धारको का होता है दुर्घटना बीमा  किसी भी राष्ट्रीकृत या गैर राष्ट्रीकृत बैंक के उपभोक्ता ने यदि बैंक से ए टी एम् जारी करवाया है तो ए टी एम् जारी होते ही उस उपभोक्ता का 25000 से लेकर 5 लाख तक का दुर्घटना बीमा बैंक ने करवाया है।  यह जानकारी 99 % उपभोक्ताओं को नहीं है इतना ही नहीं बीमा योजना बिना कोई राशि जमा किये विकलांगता से लेकर मौत होने तक के मुआवजे का प्रावधान है।  बैंको में ए टी एम् धारको के लिए बीमा योजना प्रारम्भ हुए कई साल हो गए लेकिन आज तक लोगो को इस बात की जानकारी तक नहीं है और ना ही बैंक अधिकारी कर्मचारी कभी अपने ग्राहकों को यह बताते है। बैंको के ए टी एम् उपयोग करने वाले उपभोक्ता की यदि किसी दुर्घटना में मौत होती है तो उसके परिजन नियमानुसार मुआवजा पाने के अधिकारी हो जाते है।  लेकिन यह बात ज्यादातर लोगो को पता नहीं होती और बैंक आश्रितों को मिलने वाली राशि दबा लेती है।  इस स्थिति में ए टी एम् धारक को मिलता है लाभ  * दुर्घटना में एक हाथ और पैर से विकलांग होने पर 5...