अगरिया समाज संगठन भारत के स्थापना दिवस 2022 मे सम्मिलित होने हेतु जिला कोरबा मे बैठक संपन्न हुआ ll सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अगरिया जनजाति गौरव दिवस (15 नवंबर 2026)

🌿🔥 जब होगा सबका साथ, तभी होगा समाज का विकास 🔥🌿 जय अगरिया 🚩 जय लोहासुर 🔥 जय अंगार मोती 🙏 आइये मिलकर बढ़ायें एक कदम समाज की ओर… 🏹 15 नवम्बर 2026 🏹 अगरिया जनजाति गौरव दिवस (फाउंडेशन 7वाँ स्थापना दिवस) अगरिया जनजाति का गौरव केवल हमारे इतिहास के पन्नों में नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं, मेहनत, स्वाभिमान और वैज्ञानिक विरासत में जीवित है। हमारी पहचान उस गौरवशाली परंपरा से जुड़ी है, जिसमें हमारे पूर्वजों ने प्रकृति और उपलब्ध संसाधनों के ज्ञान के आधार पर लौह प्रगलन तकनीक जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी परंपरा को विकसित किया और आगे बढ़ाया। इसी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और पहचान को सम्मान देने के लिए 15 नवम्बर 2026 को कोतमा में अगरिया जनजाति गौरव दिवस बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। यह अवसर लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के 7वें स्थापना दिवस का भी गौरवपूर्ण अवसर है। ✨ यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है… यह हमारी पहचान को याद करने का दिन है। यह हमारी विरासत पर गर्व करने का दिन है। यह अपनी संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का दिन है। यह समाज के हर वर...

अगरिया समाज संगठन भारत के स्थापना दिवस 2022 मे सम्मिलित होने हेतु जिला कोरबा मे बैठक संपन्न हुआ ll

कल दिनांक 01/11/2022 को ग्राम झाबूपारा,ग्राम दोंदरो,ग्राम रिस्दी,ग्राम भालू सटका,ग्राम नक्टीखार और पण्डरी पानी जिला कोरबा में रामखिलावन अगरिया (अध्यक्ष ) दुबराजसिह अगरिया  उमेंद सिंह अगरिया और पूरा साय अगरिया जी द्वारा स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जन संपर्क एवं बैठक किया गया  जहा राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के स्थापना दिवस 2022 मे सम्मिलित होने हेतु(कोतमा अनूपपुर मध्यप्रदेश मे)सभी को बताया गया ll जहा सभी को बताया गया की दिनांक -15/11/2022 को संगठन का स्थापना दिवस मनाया जाना है 15 नवंबर को संगठन की स्थापना हुई थी ll संगठन का उद्देश्य अगरिया समाज को संगठित करने की पहल है अगरिया जनजाति की संस्कृति, रीति रीवाज को संरक्षित करने, समाज मे शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुहीम चलाया जा रहा है ll आज इस विलुप्त होते समाज को बचाने के बचाने के लिए सभी,समाज के हर स्वजातीय बंधुओ को जिम्मेदारी लेनी होंगी तभी समाज का विकास होगा और समाज संगठित होगा ll अगरिया समाज जिसने पत्थर से लोहा बनाया लोहे के औजार बना कर जीवन यापन करना, लोहासूर देवता जिनके आराध्य देवता है ऐसे प्रतिभावान समाज को जनजाति को संरक्षित करना हम सभी का कर्तव्य है ll आज समाज मे बच्चे अपने नाम के सामने जाती मे गौत्र लिखते है या कुछ अन्य ऐसे शब्द लिखते है जिससे अगरिया समाज की पहचान विलुप्त होते जा रहा है और समाज मे समस्याएं पैदा लेते जा रहा है ll इसके साथ ही समाज मे लोग धर्म परिवर्तन करते जा रहे है ll
क्योंकि समाज मे अगरिया जनजाति के इतिहास से कई परिवार परिचित नहीं है ll अगरिया समाज अगरिया जनजाति के इतिहास से संस्कृति परिचित कराना एवं अगरिया अस्तित्व को बचाये रखना संगठन का प्रमुख ध्येय है ll संगठन का उद्देश्य भारत के अंतिम छोर मे खडे अगरिया समाज के व्यक्ति को संगठन के उद्देश्य से परिचिय कराना जोड़ना ही संगठन का लक्ष्य है ll इसी प्रकार की चर्चाये किया गयाll
तथा सभी को संगठन के स्थापना दिवस मे पहुंच कर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गयी ll
कार्यक्रम मे उपस्थित कार्यकर्त्ता अध्यक्ष श्री रामखिलावन अगरिया, दुबराज अगरिया, अजय अगरिया, पूरासाय अगरिया, सुदर्शन अगरिया सहित कई स्वजातीय बंधुओ ने कार्यक्रम मे हिस्सा लिया ll

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