दिनांक - 05.06.2026 को ग्राम कुम्बा खुर्द जिला गढ़वा झारखंड मे लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान का जिलास्तरीय कार्यक्रम संपन्न हुआ ll अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम अंतर्गत लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा जिलों जिलों मे अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास मे चलाये जा रहे कार्यक्रम अंतर्गत फाउंडेशन द्वारा प्रदाय एजेंडा का वाचन एवं शपथ ग्रहण नोडल के माध्यम से कराया जाता है अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जिला गढ़वा हेतु लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की ओर से नियुक्त नोडल श्री रामलाल अगरिया श्री बिंदु अगरिया ज़ी सोनभद्र उत्तरप्रदेश कार्यक्रम मे उपस्थित हुए ll जिनके उपस्थिति मे एजेंडा वाचन एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुआ ll कार्यक्रम की शुरुआत अगरिया जनजाति के इष्ट देव लोहासुर पूजन के साथ हुआ इसके पश्चात उपस्थित नोडल / विशिष्ट अतिथियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया ll कार्यक्रम के प्रारम्भ मे माननीय नोडल महोदय श्री रामलाल अगरिया ज़ी को फाउंडेशन द्वारा प्रदाय एजेंडा वाचन हेतु आमंत्रित किया गया ll उनक...
शहडोल सांसद माननीय श्री मति हिमाद्री सिंह जी से जी मिलकर मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ प्रसाद अगरिया एवं कार्यकर्त्ता अनूपपुर अगरिया समाज की समाज की समस्याओ को लेकर ज्ञापन सौपे ll
आज दिनांक 26/11/2025 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर (संस्थापक) दशरथ प्रसाद अगरिया जी एवं ज़िला अनूपपुर मप्र के कार्यकर्त्ता साथियों ने अगरिया समाज की समस्याओ को लेकर ज्ञापन सौपे ll फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ प्रसाद अगरिया द्वारा बताया गया की अगरिया जनजाति समाज आदिम काल की वह जनजाति समाज है जिसने सर्व प्रथम इस दुनिया मे लौह अयस्क की पहचान किया तथा पारम्परिक तरीके से लौह अयस्क को गलाकर लोहा बनाया ll अगरिया जनजाति एक वैज्ञानिक जनजाति समाज है क्योंकि पारम्परिक तरीके से सर्वप्रथम लोहा बनाने वाली जनजाति समाज अगरिया जनजाति समाज है ll यह जनजाति समाज पूर्व मे जंगलो मे निवास करता रहा है और अपने लोहा बनाने की पारम्परिक तकनीक के साथ लोहा बनाते हुए उसी लोहा से क़ृषि उपयोगी सामग्री, घरेलु एवं अन्य उपयोगी औजार बनाकर अपना जीवन यापन करते रहे है ll लेकिन जैसे जैसे सरकार द्वारा लौह अयस्क पर बैन ( प्रतिबन्ध) लगा व्यवसाय इस समाज का छिन सा गया और ये गांव गांव मे जाकर अपने रोजी रोटी मे लोहा का काम करके जीवन यापन करने लगे जिससे समाज मे शिक्षा, व्यावसाय, नौकरी त...