मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के लिए एक बहुत बड़ी पहल है ll इस योजना की शुरुआत - 15/11/2025 से किया गया है ll आइये इस योजना के बारे मे जानते है :- लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे यह अगरिया समाज कल्याण कोष योजना एक ऐसी पहल है, जो हमारे किसी सामाजिक स्वजातीय बंधुओ के असमय हमारे बीच न रहने की स्थिति में, उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है ll अगरिया समाज अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति चाहे वो महिला हो पुरुष हो वृद्ध हो या बच्चे हो कोई भी यदि इस योजना से जुड़ा है और उसके साथ कोई अप्रिय घटना (आकस्मिक मृत्यु) घट जाती है उस स्थिति उनके परिवार को इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा ll इस योजना के कुछ नियम और शर्त भी है जो निम्नलिखित है :- 1- इस योजना से मृत्यु सहायता उन्ही को मिलेगा जो इस योजना मे अपना रेजिस्ट्रेशन किये होंगे (जुड़े होंगे)ll 2- इस योजना से जुड़े किसी भी व्यक्ति के निधन होने पर,इस योजना मे जुड़े सभी सदस्यों को सहयोग करना आवश्यक होगा ll उदाहरण :- यद...
अगरिया जनजाति (Agariya Tribe) भारत की एक परंपरागत आदिवासी जनजाति है, जो मुख्य रूप से लोहा गलाने और लोहा बनाने की पारंपरिक तकनीक के लिए जानी जाती है। यह जनजाति मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में पाई जाती है।
अगरिया समाज में कई गोत्र (वंश या कुल) पाए जाते हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख गोत्र है “सोनवानी गोत्र”।
सोनवानी गोत्र का परिचय:-
1. अर्थ और मान्यता –
“सोनवानी” शब्द दो भागों से मिलकर बना है – सोना (स्वर्ण) और वानी/वानीया (जल या पवित्रता से जुड़ा अर्थ)। इस गोत्र का संबंध पवित्रता और स्वर्णिम परंपरा से जोड़ा जाता है।
2. सामाजिक स्थान –
सोनवानी गोत्र को अगरिया समाज में एक सम्मानजनक गोत्र माना जाता है। इस गोत्र के लोग पारंपरिक रूप से समाज के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं।
3. विशेषता –
सोनवानी गोत्र के लोग प्रायः शुद्धता और नियमों के पालन में माने जाते हैं।
विवाह आदि अवसरों पर यह गोत्र विशिष्ट धार्मिक जिम्मेदारी निभाता है।
अन्य गोत्रों की तरह, यह गोत्र भी अपने अंदर विवाह संबंध नहीं करता (गोत्रांतर्गत विवाह निषिद्ध है)।
4. अगरिया समाज की परंपरा में –
सोनवानी गोत्र का संबंध लोहा गलाने की परंपरा और लौह शिल्प से भी जोड़ा जाता है।
यह गोत्र अन्य गोत्रों की तरह समाज की एक महत्वपूर्ण इकाई है, जो पीढ़ियों से समाज की परंपरा को आगे बढ़ाता आया है।
👉 कुल मिलाकर, सोनवानी गोत्र अगरिया जनजाति के उन प्रमुख गोत्रों में से है, जिनका संबंध समाज की धार्मिक-आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से गहराई से जुड़ा है।
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agariya samaj ki jankari ke liye ye blog taiyar kiya gaya hai agariya samaj sangathan poore bharat ke agariya samaj ko sangathit karna chahta hai