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अगरिया जनजाति की जनसंख्या एवं रहन सहन से जुड़ी जानकारी

💥अगरिया जनजाति : परिचय💥 अगरिया मध्यप्रदेश की एक अनुसूचित जनजाति है, जिसकी पहचान ऐतिहासिक रूप से लौह-अयस्क से पारंपरिक तरीके से लोहा गलाने और लोहे के औजार बनाने की तकनीक से जुड़ी रही है। ऐतिहासिक अभिलेखों में मध्यप्रदेश के अगरियों का विशेष उल्लेख मिलता है और अनूपपुर, डिंडोरी, बालाघाट, मंडला जैसे कई क्षेत्र में उनकी पारंपरिक लौह-कर्म परंपरा की एकाग्रता का उल्लेख किया गया है। � 📊 मध्यप्रदेश में अगरिया जनसंख्या✅ 2011 की जनगणना के अनुसार मध्यप्रदेश में अगरिया जनजाति की जनसंख्या 41,243 थी, जिसमें: पुरुष — 20,706 महिलाएँ — 20,537 कुल परिवार — लगभग 9,609 लिंगानुपात — 992 महिलाएँ प्रति 1,000 पुरुष बाल लिंगानुपात — 965 कुल साक्षरता — लगभग 43.9% ये आंकड़े 2011 Census के ST सांख्यिकीय प्रोफाइल से मेल खाते हैं; भारत सरकार के संसदीय दस्तावेज में भी मध्यप्रदेश के लिए अगरिया की संख्या 41,243 दी गई है। � 👉ध्यान दें:-  41,243 पुराना, 2011 का आधिकारिक जनगणना आंकड़ा है। वर्तमान 2026 की वास्तविक आबादी इससे अलग हो सकती है; नई पूर्ण जनगणना के बिना वर्तमान संख्या को निश्चित रूप...

मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना नियम शर्त

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन
मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के तत्वाधान मे 
🟨 📌 🙏योजना का मुख्य उद्देश्य (सहयोग के बदले सहयोग)🙏
👉समाज के सदस्यों के स्वयं या परिवार के निधन की स्थिति में उनके परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
यह योजना समाज में एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।


🟩 📋 सदस्यता एवं नियम (संक्षेप में)🙏
योग्यता -केवल अगरिया जनजाति समाज के व्यक्तियों के लिए
शुल्क - सदस्यता पूर्णतः निःशुल्क
अंशदान - कुछ भी नहीं इस योजना मे
लॉकिंग पीरियड- सदस्यता के 6 माह बाद सहायता हेतु पात्र

🙏अनिवार्यता🙏

सदस्य के निधन पर नॉमिनी को सहयोग देना आवश्यक

🟥 महत्वपूर्ण शर्तें एवं निरंतरता
✅ लगातार 3 सहयोग करने वाले सदस्य सक्रिय सदस्य माने जाएंगे।
❌ लगातार 2 सहयोग न करने पर सदस्यता समाप्त।
🔄 पुनः सदस्यता हेतु 3 बार अनिवार्य सहयोग आवश्यक।
⚠️ फर्जी स्क्रीनशॉट, नॉमिनी को सहयोग न करना, आत्महत्या या विवादित मृत्यु के मामलों में सहायता देय नहीं होगी।

🟦 💡 🙏विशेष जानकारी🙏

योजना की शुरुआत ₹7000 से की गई है।
सदस्य संख्या बढ़ने पर सहायता राशि बढ़ाई जाएगी।
एक माह में एक से अधिक मृत्यु होने पर वरिष्ठता के आधार पर सहयोग दिया जाएगा।
सहयोग राशि दशगात्र या एक माह बाद भी दी जा सकता है।

🟨 🤝🙏 विनम्र अनुरोध🙏

“किसी भी सदस्य के निधन पर उनके नॉमिनी को निर्धारित सहयोग अवश्य करें।

यह सहायता हमारी सामूहिक संवेदना और संगठनात्मक एकता का प्रतीक है।”

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