अगरिया समाज जोड़ो अभियान 2026 जिला कोरबा छ ग मे संपन्न ll शपथ ग्रहण एवं एजेंडा वाचन का भव्य आयोजन हुआ ll सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कटगोड़ी कोरिया छत्तीसगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम 2026 सम्पन्न ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मेll

अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जो लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन से जुड़े सभी राज्यों के जिलों मे संपन्न कराया जाता है ll दिनांक 14 अप्रैल 2026 को जिला कोरिया के ग्राम कटगोड़ी मे सफलता पूर्वक संपन्न हुआ ll जिला कोरिया समिति एवं जिलाध्यक्ष श्री सुकुल प्रसाद नागवंशी जिनके सफल आयोजन से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ll जिला कोरिया छत्तीसगढ़ अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम हेतु लौह प्रगलक अगरिया भारत फाउंडेशन की ओर से नोडल / मुख्य अतिथि के रूप मे श्री अमरशाह अगरिया सीधी की नियुक्ति हुई थी जो कार्यक्रम मे उपस्थित होकर अपने कुशल नेतृत्व मे कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न कराये ll  अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जहाँ आज लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे सभी जिलों मे आयोजित हो रहा है जिसका उद्देश्य समाज को संगठित सशक्त, शिक्षित, और बेहतर समाज बनाना है ll अगरिया जनजाति के इष्ट देव लोहासुर पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई ll श्री अमरशाह अगरिया नोडल महोदय के द्वारा लोहासुर पूजन वंदन किया गया इसके पश्चात निम्नलिखित बिन्दुओ पर चर्चा किये ll 1- अगरिया जनजाति स...

अगरिया समाज जोड़ो अभियान 2026 जिला कोरबा छ ग मे संपन्न ll शपथ ग्रहण एवं एजेंडा वाचन का भव्य आयोजन हुआ ll

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे जिला कोरबा छत्तीसगढ़ के ग्राम - चर्रा मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम दिनांक 30/03/2026 को सम्पन्न हुआ ll कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे जिला के लिए नियुक्त नोडल श्री अर्जुन अगरिया एवं बुद्धूराम अगरिया ज़ी मनेन्द्रगढ़ छत्तीसगढ़ रहे है ll जिनकी उपस्थिति मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जिला कोरबा के ग्राम चर्रा मे संपन्न हुआ ll 
अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष फाउंडेशन से जुड़े सभी जिलों मे आयोजित कराया जाता है जिसका उद्देश्य फाउंडेशन द्वारा समाज के उत्थान विकास मे चलाये जा रहे सभी उद्देश्य गतिविधियों को अगरिया समाज जनसमुदाय तक पहुँचाना सभी को बताना है तथा सम्पूर्ण भारत मे संगठित समाज का निर्माण, अगरिया जनजाति का संरक्षण, अगरिया जनजाति की प्रतिभाशाली वैज्ञानिक संस्कृति (लौह अयस्क से लोहा बनाने) का संरक्षण, समाज मे शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना, फाउंडेशन द्वारा समाज मे बच्चों को शिक्षा के प्रति किये जा रहे सहयोग की जानकारी देना जैसे फीस कॉपी बस्ता, पुस्तक मे सहयोग इसके अलावा 85% से ऊपर का परीक्षा परिणाम लाने वाले छात्रों को मेधावी छात्र सम्मान फाउंडेशन द्वारा दिया जाना, समाज को नशा मुक्त समाज बनाने के लिए समाज मे जागरूकता कार्यक्रम, विवाह इलाज दशगात्र मे फाउंडेशन द्वारा सहयोग प्रदान किया जाना, महिला सम्मान एवं सशक्तिकरण, अपने समाज के संस्कृति एवं इतिहास की जानकारी देना ll 
उपरोक्त समस्त फाउंडेशन द्वारा समाज के उत्थान विकास मे चलाये जा रहे उद्देश्य एवं गतिविधियों को एजेंडा के माध्यम से समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने एवं समाज मे जागरूकता तथा संगठित समाज के निर्माण के लिए फाउंडेशन द्वारा प्रत्येक वर्ष माह मार्च - अप्रैल मे जिलों जिलों मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन कराया जाता है ll जिसके तहत जिला कोरबा छत्तीसगढ़ मे दिनांक 30/03/3026 को ग्राम चर्रा मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ll 
कार्यक्रम की शुरुआत अगरिया जनजाति के इष्ट देव लोहासुर पूजन के साथ हुआ इसके पश्चात् नोडल महोदय श्री अर्जुन अगरिया एवं बुद्धूराम अगरिया ज़ी के द्वारा फाउंडेशन के एजेंडा का विधिवत बिंदुवार विश्लेषण करते हुए उपस्थित स्वजातीय बंधुओ के बीच  सभी गतिविधियों उद्देश्यों की जानकारी दिए और फाउंडेशन से जुड़कर संगठित समाज के निर्माण भागीदारी निभाने को बोला गया ll 
समाज के लिए महत्वपूर्ण योजना "मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोश योजना " लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन द्वारा चलाया गया है जिसके बारे मे जानकारी दिया गया एवं सभी को ऑनलाइन फॉर्म भरकर जुड़ने को कहा गया ll 
क्या है मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना :- मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना की शुरुआत दिनांक 15 नवंबर 2025 से किया गया है इस योजना के तहत समाज मे हुए दिवंगत सदस्य के परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है ll इस योजना का लाभ लेने के लिए वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन फार्म भरना पड़ता है ll ऑनलाइन फार्म भरते ही इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए परिवार पात्र हो जाता है ll 
योजना की शुरुआत प्रारम्भ मे सहयोग के रूप मे 7000 से किया गया था लेकिन जैसे जैसे इस योजना मे जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या बढ़ती जायेगी वैसे वैसे दिवंगत हुए सदस्य के नॉमिनी को मिलने वाली राशि भी बढ़ती जाती है अभी वर्तमान मे इस योजना के तहत दिवंगत परिवार को मिलने वाली सहयोग राशि लगभग 20000/- के आस पास है ll इसके कुछ नियम शर्ते भी है जैसे की जो भी सदस्य इस योजना मे अपना रेजिस्ट्रेशन करता है उस सदस्य को इस योजना से जुड़े किसी सदस्य के दिवंगत होने पर सहयोग करना आवश्यक होगा यदि इस योजना से जुड़ा सदस्य किसी के दिवंगत होने पर सहयोग नहीं करता है तो उस स्थिति मे उस सदस्य की आई डी निष्क्रिय हो जाती है और उस सदस्य के साथ कोई आकस्मिक घटना घट जाती है तो उसके परिवार को यह सहयोग राशि नहीं मिला पाएगी इसलिए इस योजना मे जुड़ने पर, इस योजना से जुड़े किसी भी सदस्य के दिवंगत होने पर सहयोग करना आवश्यक होगा ll ज़ब किसी सदस्य की आई डी निष्क्रिय हो जाती है और पुनः अपनी आई डी को सक्रिय करना है तो उस सदस्य को तीन दिवंगत हुए परिवार को लगातर सहयोग करना होगा तभी वो सदस्य पुनः लाभ प्राप्त करने के लिए सक्रिय सदस्य माना जायेगा ll इस योजना की लॉकिंग पीरियड 6 माह की है कोई सदस्य इस योजना मे जुड़ता है तो वो सदस्य 6 माह बाद ही योजना के लिए पात्र माना जाता है ll 6 माह पहले यदि कोई अप्रिय घटना घटती है उस स्थिति मे फाउंडेशन द्वारा इस योजना के तहत कोई सहयोग राशि परिवार या नॉमिनी को नहीं दिए जाते है ll इसलिए इस योजना मे सभी को जल्द से जल्द रेजिस्ट्रेशन करने को कहा गया जिससे योजना के लिए पात्र हो सके ll
उपरोक्त सभी बिन्दुओ की जानकारी नोडल श्री अर्जुन कुमार अगरिया ज़ी एवं बुद्धूराम अगरिया ज़ी के द्वारा दिया गया ll एवं सभी को फाउंडेशन से जुड़कर संगठित समाज के निर्माण के लिए निवेदन किये ll सभी को बताया गया की संगठित समाज मे ही शक्ति होती है संगठित होकर ही समाज के सभी समस्याओ मे कार्य किया जा सकता है अलग अलग बिखर कर रहेंगे तो समाज की समस्याओ का समाधान नहीं होगा ll 
कार्यक्रम मे मनेन्द्रगढ़ से श्री सरजू सोनवानी भी उपस्थित हुए उन्होंने भी समाज के उत्थान विकास मे अपने सुझाव मार्गदर्शन दिए ll इसके पश्चात् सभी स्वजातीय बंधुओ एवं कार्यकर्ताओ के उद्बोधन एवं विचार लिए गए ll
कार्यक्रम के अंत मे समाज के उत्थान विकास मे भागीदारी निभाने के लिए नोडल द्वारा शपथ ग्रहण कराया गया और सभा का समापन किया गया ll
जिला कोरबा अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम मे जिला के लिए नियुक्त नोडल श्री अर्जुन अगरिया, श्री बुद्धूराम अगरिया मनेन्द्रगढ़ उपस्थित रहे एवं कार्यकर्त्ता श्री सरजू सोनवानी मनेन्द्रगढ़ रहे ll तथा जिला कार्यक्रम आयोजन समिति श्री रामखिलावन अगरिया, दुबराज सिंह अगरिया, उमेंद सिंह अगरिया पोरासाय अगरिया, मनराखन अगरिया सहित जिला से लगभग 200-300 की संख्या मे स्वजातीय बंधु मातृ शक्तियां उपस्थित हुए और लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन हुआ ll
कार्यक्रम के अधिक फोटो ग्राम एवं विडिओ देखने के लिए यू ट्यूब पर अगरिया समाज संगठन भारत सर्च करे और चैनल को सब्सक्राइब करे ll तथा फेसबुक पर अगरिया समाज संगठन भारत सर्च करे और पेज को फॉलो करे 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सोनवानी गोत्र ,केरकेता ,बघेल ,अइंद एवं गोरकु गोत्र की कहानी

सोनवानी गोत्र ,केरकेता ,बघेल ,अइंद  एवं गोरकु   गोत्र की कहानी एवं इससे जुड़े कुछ किवदंती को आइये जानने का प्रयास करते है। जो अगरिया जनजाति  के  गोत्र  है।  किवदंतियो को पूर्व में कई इतिहास कारो द्वारा लेख किया गया है जिसको आज मै  पुनः आप सभी के समक्ष रखने का  हु। तो आइये जानते है -  लोगुंडी राजा के पास बहुत सारे पालतू जानवर थे। उनके पास एक जोड़ी केरकेटा पक्षी ,एक जोड़ी जंगली कुत्ते तथा एक जोड़ी बाघ थे। एक दिन जंगली कुत्तो से एक लड़का और लड़की पैदा हुए। शेरो ने भी एक लड़का और लड़की को  जन्म दिया। केरकेटा पक्षी के जोड़ो ने दो अंडे सेये और  उनमे से भी एक लड़का और लड़की निकले। एक दिन लोगुंडि राजा मछली का शिकार करने गया तथा उन्हें एक ईल मछली मिली और वे उसे घर ले आये। उस मछली को पकाने से पहले उन्होंने उसे काटा तो उसमे से भी एक लड़का और लड़की निकले। उसके कुछ दिनों बाद सारे पालतू जानवर मर गए सिर्फ उनके बच्चे बचे। उन बच्चो को केरकेता ,बघेल, सोनवानी तथा अइंद गोत्र  जो क्रमश पक्षी ,बाघ ,जंगली कुत्ते ,तथा ईल मछली से पैदा  हुए ...

मध्य प्रदेश में अगरिया जनजाति एवं अगरिया जनजाति के बारे में जानकारी

  मध्य प्रदेश में अगरिया जनजाति एवं अगरिया जनजाति के बारे में जानकारी  1 -अगरिया जनजाति की मध्य प्रदेश में जनसँख्या-  मध्य प्रदेश में अगरिया जनजाति की जनसँख्या लगभग 41243 है जो प्रदेश की कुल जनसँख्या का 0.057  प्रतिशत है।   2 -अगरिया निवास क्षेत्र -अगरिया वैसे मध्यप्रदेश के कई जिलों में पाए जाते है पर मुख्यतः अधिक संख्या में अनूपपुर ,शहडोल उमरिया ,कटनी ,मंडला ,बालाघाट ,सीधी ,सिंगरौली में मुख्यतः पाए जाते है।  3 -अगरिया गोत्र -अगरिया जनजाति में कुल 89 गोत्र पाए जाते है। (सम्पूर्ण गोत्र की जानकारी के लिए यू ट्यूब पर अगरिया समाज संगठन भारत सर्च करे और विडिओ देखे )(विडिओ देखने के लिए लिंक पर क्लीक करे - https://youtu.be/D5RSMaLql1M   )जिनमे से कुछ  प्रमुख गोत्र है सोनवानी ,अहिंद ,धुर्वे ,मरकाम ,टेकाम ,चिरई ,नाग ,तिलाम ,उइके,बघेल  आदि है प्रत्येक गोत्र में टोटम पाए जाते है। एवं अगरिया जनजाति का प्रत्येक गोत्र प्राकृतिक से लिया गया है अर्थात पेड़ पौधे ,जीव जंतु से ही लिया गया है। उदाहरण के लिए जैसे बघेल गोत्र बाघ से लिया गया है।  4-...

अगरिया आदिवासी समुदाय की उत्पत्ति (Origin of Agariya tribal community: -)

  अगरिया आदिवासी समुदाय की उत्पत्ति :- कोरबा के अगरिया 👇👇👇👇👇  अब हम एक महत्वपूर्ण और कठिन समस्या की और ध्यान देते है की वास्तव में ये अगरिया कौन है क्या  ही आदिवासी है ,क्या वैसे आदिवासी है जैसे होने चाहिए ,अपने आप में जो पहले ही अस्त्तिव में आ गए थे।  संभवतः लोहे की खोज या जानकारी के समय या सेन्ट्रल प्राविन्स में लोहे  की जानकारी प्राप्त होने के समय ,अथवा क्या वे साधारण तौर पर अनेक विभिन्न आदिवासी समूहों के सदस्यों का जमावड़ा है ,जिन्होंने लोहा गलाने का काम चुन लिया है. क्या डिंडोरी मंडला अनूपपुर शहडोल सीधी  सिंगरौली के अगरिया वही अगरिया है जो गोंडो की एक शाखा है जिन्होंने लोहे का काम करना शुरू कर दिया है।  और इसलिए धीरे धीरे वे एक विशेष समुदाय के रूप में अलग हो गए है। बिलासपुर के चोख अगरिया कोरबा उपजाति से बहुत मिलते जुलते है ,क्या वे कोरबा छत्तीसगढ़ जनजाति का ही एक अलग वर्ग है जिन्होंने लोहा गलाने का काम सुरु कर  दिया है।  हम भारत के कुछ अन्य जगह के समस्याओं को रख कर बात कर सकते है। रिसले ने बताया है की बिहार तथा पशिचम बंगाल के  लो...