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अगरिया जनजाति से जुड़ी ख़ास बाते एवं उनका रहन सहन

अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...

संकुल लामाटोला विकासखंड अनूपपुर ज़िला अनूपपुर मे संकुल स्तरीय टी एल एम प्रदर्शनी का आयोजन हुआ

संकुल केंद्र लामाटोला विकासखंड अनूपपुर ज़िला अनूपपुर मप्र अंतर्गत आज दिनांक - 07/03/2022को टी एल एम प्रदर्शनी शिक्षक स्तर का आयोजन हुआ जहाँ संकुल लामाटोला अंतर्गत ms रेउला, ms चपानी, ms लामाटोला, ps रेउला, सहित कई स्कूल एवं खोड़री एरिया के कई स्कूल(संकुल अंतर्गत कुल 29स्कूल जिसमे 8मिडिल एवं 21 प्राइमरी ) के शिक्षक साथियों ने प्रदर्शनी मे अपने हस्त निर्मित tlm का प्रदर्शिनी मे अपने टी एल एम का प्रदर्शन किये ll जहाँ विषय -हिंदी, गणित, पर्यावरण, विज्ञान विषय का रहा ll
कार्यक्रम के आयोजक - जनशिक्षक श्री ब्रिजभूसण मिश्रा जी ll एवं बतौर जज चयन समिति के रूप मे श्री रघुवंश प्रसाद नागेश जी (संकुल प्रभारी )जो सभी के tlm को देखते हुए प्रथम द्वितीय तृतीय परिणाम चयन किये विषय वार ll
जहाँ चयन समिति के द्वारा -
हिंदी - प्रथम - अर्जुन कुमार 
         द्वितीय -घनश्याम मवासी
         तृतीय -अनीता बछलहा
गणित -प्रथम -संतोष कुशवाहा
         द्वितीय - विनय वर्मा
         तृतीय -हरिदास सिंह
विज्ञान -प्रथम - दशरथ अगरिया
          द्वितीय - प्रधान सिंह
          तृतीय - हरदीन सिंह

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