मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास के लिए प्रमुख पहल है ll यह योजना (अगरिया समाज संगठन भारत) लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे आरम्भ किया गया है ll आइये जानते है मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना क्या है :- मैनेजिंग डायरेक्टर अगरिया समाज कल्याण कोष योजना अगरिया जनजाति समाज के लिए एक ऎसी योजना है जहाँ इस योजना अंतर्गत जुड़े किसी व्यक्ति के दिवंगत ( मृत) होने पर दिवंगत व्यक्ति के परिवार (नॉमिनी) को आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है ll इस योजना की शुरुआत लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन (अगरिया समाज संगठन भारत) के संस्थापक मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दशरथ प्रसाद अगरिया ज़ी के द्वारा किया गया है ll इस योजना के माध्यम से अगरिया जनजाति समाज को सहयोग प्रदान करना लक्ष्य है ll अक्सर देखा गया है की कुछ परिवार ऐसे है जहाँ मुखिया या किसी परिवार के सदस्य के दिवंगत हो जाने पर परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो जाता है यहाँ तक की दिवंगत सदस्य के क्रिया कर्म करने तक के लाले पड़ जाते है ll इन सारे बातो...
अगरिया आदिवासी समाज को विशेष पिछड़ी जनजाति समाज मे शामिल किये जाने की मांग को लेकर ज़िला उमरिया म.प्र के अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु एवं लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के कार्यकर्ताओ ने ज़िला कलेक्टर को राष्ट्रपति एवं राष्ट्रीय अ. ज. जा आयोग एवं आदिम जनजाति अनुसन्धान एवं विकास संस्था के नाम ज्ञापन सौपे
अगरिया आदिवासी समाज को विशेष पिछड़ी जनजाति मे शामिल किये जाने को लेकर ज़िला उमरिया (मप्र) की टीम ने सौपा ज्ञापन ll
👇🏽👇🏽👇🏽
बीते दिनों दिनांक 24/03/2025 को ज़िला उमरिया मध्यप्रदेश के अगरिया समाज के लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन ज़िला उमरिया के कार्यकर्त्ता एवं अगरिया समाज के स्वजातीय बंधुओ ने मिलकर ज़िला उमरिया कलेक्टर को माननीय राष्ट्रपति महोदय, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग मंत्रालय भारत सरकार एवं आदिम जाती अनुसन्धान एवं विकास संस्था भोपाल के नाम ज्ञापन सौपे ll ज्ञापन सौपने का उद्देश्य अगरिया जनजाति समाज को (PVTG) विशेष पिछड़ी जनजाति मे शामिल किये जाने की मांग है अगरिया समाज के लोग एवं लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ प्रसाद अगरिया का कहना है की अगरिया आदिवासी समाज अन्य समाजो की अपेक्षा बहुत ही पिछड़ा समाज है ll इस समाज मे शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी का स्तर अति न्यून है तथा सामाजिक रहन सहन मे भी ये समाज बहुत ही पिछड़ा समाज है ll इस पिछड़े हुए समाज की ओर राज्य सरकार एवं भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए फाउंडेशन एवं समाज के लोगो का निवेदन है की अगरिया आदिवासी समाज का मध्यप्रदेश मे सर्वे शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी, सामाजिक रहन सहन को आधार मानकर लिया जाए ll इससे अगरिया जनजाति समाज के वास्तविक स्थिति का पता चलेगा और सर्वे के आधार पर अगरिया जनजाति समाज को विशेष पिछड़ी जनजाति समाज (PVTG) मे शामिल किया जाय ll
अगरिया आदिवासी समाज के इतिहास कि बात करें तो अगरिया आदिवासी वही समाज है जो आदिकाल मे जंगलो मे निवास करते थे जहाँ इस समाज ने लौह अयस्क (लौह पत्थर)की पहचान किया और लौह अयस्क को अपने पारम्परिक भट्ठी मे (कोठी -चेपूआ ) गलाया और लोहा जैसे चमत्कारिक धातु से दुनिया को अवगत कराया ll यानि सीधे कहे तो अगरिया आदिवासी ही वो वैज्ञानिक समाज है जिसने लोहा जैसी चमत्कारिक धातु का सबसे पहले अविष्कार किया ll आज अगरिया आदिवासी समाज की संस्कृति को अपना कर कई कंपनी लोहा बना रहे है ll लेकिन अगरिया आदिवासी जिसने इस संस्कृति को जन्म दिया आज के इस आधुनिक परिवेश मे भी अति पिछड़ा समाज है ll अगरिया आदिवासी समाज की मांग है अगरिया समाज के पिछड़े पन को देखते हुए सरकार इस समाज का सर्वे ले और विशेष पिछड़ी जनजाति मे शामिल करें ll
ज्ञापन सौपने ज़िला उमरिया की टीम से विजय अगरिया (ज़िला सचिव), भोला अगरिया, रामरतन अगरिया, केशेलाल अगरिया सहित कई स्वजातीय बंधु एवं समाज के लोग मौजूद रहे ll
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
agariya samaj ki jankari ke liye ye blog taiyar kiya gaya hai agariya samaj sangathan poore bharat ke agariya samaj ko sangathit karna chahta hai