ज़िला उमरिया मप्र का अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम 2025 का प्रथम चरण ग्राम बोदली मे संपन्न हुआ ll 👇 लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे ज़िला उमरिया के ग्राम बोदली मे, उमरिया जिले का अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम का प्रथम चरण सम्पन्न हुआ ll दूसरा चरण माह जून एवं जुलाई के मध्य मे रखा जायेगा ll फाउंडेशन की ओर से जिलों के कार्यकर्त्ताओं से फाउंडेशन से जुड़ने एवं फाउंडेशन सम्बंधित गतिविधियों को जिलों मे पहुंचाने एवं जिलों को मजबूत बनाने के लिए फाउंडेशन अंतर्गत सभी जिलों मे अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम का आयोजन दो चरण मे करावाया जाता है ll पहला चरण माह दिसंबर - जनवरी के मध्य मे 1 दिन एवं दूसरा चरण माह जून एवं जुलाई मे सम्पन्न होना है ll उक्त फाउंडेशन के निर्देशनुसार ज़िला उमरिया मप्र का अगरिया समाज ज़िला विकास अभियान कार्यक्रम दिनांक 25/01/2026 को संपन्न हुआ ll बैठक मे कई जिले से सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे एवं निम्नलिखित बिन्दुओ पर चर्चा हुआ ll 1- माह - फाउंडेशन द्वारा जिलों मे निर्धारित मार्च एवं अप्र...
अगरिया जनजाति उत्थान विकास कार्यक्रम जिला इकाई रायगढ़ मे सम्पन्न ll कार्यक्रम मे फाउंडेशन के कोर कार्यकर्त्ता एवं अन्य जिलों के जिलाध्यक्ष पहुचे (लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन)
दिनांक 19/05/2024 को लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के नेतृत्व मे जिला इकाई रायगढ़ छत्तीसगढ़ ग्राम चिरईपानी मे अगरिया जनजाति उत्थान विकास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ll जहाँ फाउंडेशन के कोर सदस्य एवं अन्य जिलों के जिलाध्यक्ष भी कार्यक्रम मे पंहुचे ll कार्यक्रम का उद्देश्य अगरिया जनजाति को संगठित करना एवं लौह प्रगलक अगरिया भारत फाउंडेशन की ओर से चलाये जा रहे समस्त मुहीम से अगरिया जन समुदाय को अवगत कराना रहा है लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की ओर से आज अगरिया जनजाति समाज के उत्थान एवं विकास के लिए सम्पूर्ण भारत मे मुहीम चलाई जा रही है एवं अगरिया जनजाति समाज को एक मंच मे संगठित करने का मुहीम जारी है ll फाउंडेशन अगरिया जनजाति समाज के संरक्षण एवं अगरिया जनजाति समाज की वैज्ञानिक संस्कृति को लेकर काफी सकारात्मक है ll क्योंकि आज अगरिया जनजाति एक ऐसी जनजाति है जिसका नाम पहचान एवं इसकी वैज्ञानिक संस्कृति विलुप्त के कगार पर रहा है ll लोग अगरिया जनजाति के कार्यो को देखकर लोहार नाम से सम्बोधित करते थे जबकि अगरिया जनजाति और लोहार दोनों अलग है ll साथ मे समाज मे भी अगरिया जनजाति क...