ज़िला -बालाघाट (म.प्र) मे अगरिया समाज की मीटिंग राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के नेतृत्व मे संपन्न हुआ ll सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अगरिया जनजाति से जुड़ी ख़ास बाते एवं उनका रहन सहन

अगरिया जनजाति भारत की एक विशिष्ट आदिवासी समुदाय है, जिसकी पहचान पारंपरिक लौह-प्रगलन कला, प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से रही है। अगरिया समाज की खास पहचान को समझने के लिए उसके इतिहास, रहन-सहन, खान-पान, पहनावे, देवी-देवताओं, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जीवन को जानना आवश्यक है। 1. अगरिया समाज की खास पहचान:- •लौह प्रगलन की परंपरा: अगरिया समुदाय के अनेक समूह ऐतिहासिक रूप से लौह अयस्क से लोहा तैयार करने की पारंपरिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। •मेहनत और कौशल: पारंपरिक भट्ठी बनाना, अयस्क की पहचान करना, धातु को गलाना और लोहे को उपयोगी रूप देना विशेष तकनीकी ज्ञान की मांग करता था। •प्रकृति से जुड़ाव : जंगल, पहाड़, मिट्टी, पत्थर, वनस्पतियों और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का पारंपरिक जीवन में महत्त्व रहा है। •सांस्कृतिक विरासत: लोकगीत, लोककथाएँ, पारंपरिक पूजा, सामुदायिक आयोजन और पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान सामाजिक पहचान के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। •सामुदायिक सहयोग: परिवार, रिश्तेदारी और समुदाय के लोगों के बीच सहयोग, मेल-मिलाप तथा सामूहिक कार्यक्रमों की परंपरा ...

ज़िला -बालाघाट (म.प्र) मे अगरिया समाज की मीटिंग राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के नेतृत्व मे संपन्न हुआ ll

दिनांक -30/04/2022 को राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के मार्गदर्शन मे अगरिया समाज की बैठक संपन्न हुआ इस मीटिंग के. आयोजनकर्ता श्री सुकक्ल धुर्वे बालाघाट ज़िला उपाध्यक्ष एवं बालाघाट के अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु रहे जिन्होंने अपने अथक प्रयास से ज़िला बालाघाट मे मीटिंग का आयोजन किये एवं बालाघाट अंतर्गत सभी स्वजातीय बंधुओ को समाज की इस मीटिंग मे आमंत्रित किये जिससे सभी संगठन की विचार धारा एवं उद्देश्य से अवगत हो सके की संगठन द्वारा समाज के उत्थान एवं विकास के लिए चलाया जा रहा मुहीम क्या है एवं कैसे समाज के विकास हो पाएगा ll इस मीटिंग मे बालाघाट ज़िला के लगभग सभी ब्लॉक से अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु मौजूद रहे है ll
क्या था संगठन की विचार धारा एवं योजना ज़िला मीटिंग को लेकर - आपको बताना चाहेंगे की राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत माह मार्च 2022 मे संगठन अंतर्गत जुड़ें सभी जिलों मे सम्पूर्ण भारत अंतर्गत इस सामाजिक मीटिंग का आयोजन किया इन सभी जिलों मे मीटिंग हेतु नोडल कार्यकर्त्ता अधिकारी अन्य जिलों से नियुक्त किये गए नियुक्त किये गए इस मीटिंग के पीछे संगठन का उद्देश्य था की सभी जिलों मे निवासरत समाज का हर व्यक्ति संगठन की विचार धाराओ से परिचित हो सके एवं संगठन के माध्यम. से समाज के उत्थान एवं विकास मे अपनी भूमिका अदा करें ll क्योंकि समाज का उत्थान एवं विकास तभी संभव है ज़ब हर व्यक्ति की भागेदारी समाज मे होंगी ll और तभी एक संगठित समाज का निर्माण सम्पूर्ण भारत स्तर पर होगा ll समाज के उत्थान एवं विकास हेतु संगठन द्वारा जिलों की इस मीटिंग हेतु एजेंडा प्रदाय किया गया था एवं एक शपथ पत्र भी प्रदाय किया गया था जिससे जिले का हर व्यक्ति संगठन के एजेंडा से परिचित हो सके तथा ज़िला मे सभी सामाजिक स्वजातीय बंधुओ को शपथ भी दिलवाया जा सके की सभी समाज के विकास मे अपनी भागीदारी निभाएंगे ll
कैसे सम्पन्न हुआ मीटिंग बालाघाट मे -बालाघाट जिले हेतु नियुक्त नोडल श्री मनीराम टेकाम. जी एवं युवा समाज सेवी राजेंद्र अगरिया जी रहे है अतः विशिष्ट अतिथि के रूप मे वहा कबीर धाम ज़िला उपाध्यक्ष श्री अन्नू धुर्वे उपस्थित रहे है ll मीटिंग के आरम्भ मे अगरिया जनजाति के आराध्य देवता लोहसूर की पूजा अर्चना की गयी तथा सम्मानीय नोडल महोदयो का फूल माला पहना कर स्वागत किया गया इसके पश्चात सभी वहा उपस्थित सामाजिक बंधुओ का विचार संगठन एवं समाज पर लिया गया तथा इसके पश्चात् नोडल महोदय श्री मनीराम टेकाम जी एवं राजेंद्र अगरिया जी द्वारा संगठन द्वारा प्रदाय एजेंडा को सभी सामाजिक बंधुओ के बीच पढ़ते हुए विधिवत विश्लेषण किया गया जिससे वहा उपस्थित सभी सामाजिक बंधु संगठन के एजेंडा से अवगत हुए एवं सभी सराहना करते हुए संगठन के एजेंडा का अपने जिले मे पालन करने हेतु बोले एवं संगठन के साथ दृढ़ता से जुड़कर समाज के विकास मे कार्य करने की बात कहे ll नोडल महोदय द्वारा बताया गया की समाज का उत्थान एवं विकास तभी होगा ज़ब हर व्यक्ति समाज के उत्थान एवं विकास मे अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा तथा अपनी हिस्से की जिम्मेदारी लेकर सामाज के हर व्यक्ति को संगठन के बताये अनुसार जागरूक करेगा ll नोडल महोदय द्वारा बताया गया की ये समाज हमारा है और समाज तथा समाज की विलुप्त होती संस्कृति परंपरा रीति रीवाज को बनाये रखने हेतु इस समाज की मांग यही है की हम सब एक मंच पर संगठित हो और सम्पूर्ण भारत मे एक संगठित समाज का निर्माण संगठन के माध्यम से करें ll और समाज को नशा मुक्त बनाये, समाज को शिक्षित करें तथा बाल विवाह रोके एवं समाज का विकास करें ll
इसके पश्चात् मीटिंग मे पहुचे विशिष्ट अतिथि महोदय द्वारा बताया गया की समाज के लोग जो किसी कारण वश या अज्ञानता से धर्म परिवर्तन कर रहे है वो धर्म परिवर्तन ना करें अपने समाज मे रहकर अपने समाज के इष्ट देव लोहासुर की पूजा करें एवं अपने अगरिया समाज को जो आज विलुप्त होते जा रहा है इसके अस्तित्व को बनाये रखे ll सभी को अगरिया समाज के इतिहास की जानकारी लेनी चाहिए की ये समाज एक वैज्ञानिक समाज है हमारे पूर्वज ने सर्व प्रथम लोहे जैसे चमत्कारिक धातु का अविष्कार किया और दुनिया को लोहा से परिचित कराया ll जिसका इतिहास इतना प्रचंड है वो समाज कैसा होगा अतः समाज के लोग धर्म परिवर्तन ना करें अपने समाज के अस्तित्व को बनाये रहे ऐसा सन्देश उन्होंने सभी को दिया ll एवं अंतिम चरण मे वहा उपस्थित सभी सामाजिक बंधुओ को संगठन द्वारा प्रदाय शपथ पत्र के माध्यम से सभी सामाजिक बंधुओ को शपथ ग्रहण कराये जिससे की  सभी सामाजिक बंधु समाज के उत्थान एवं विकास मे अपनी भागीदारी निभाए ll
तथा मीटिंग के दौरान  श्री अन्नू धुर्वे जी द्वारा विडिओ के कॉल के माध्यम से राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया जी को बालाघाट मे उपस्थित सभी सामाजिक बंधुओ को सम्बोधित करने हेतु आमंत्रित किया जहाँ संचालक दशरथ अगरिया जी द्वारा विडिओ काल के माध्यम से बालाघाट मे उपस्थित सभी सामाजिक बंधुओ को सम्बोधित किये की सभी संगठन से जुड़ें एवं संगठन के एजेंडा को ज़िला मे फ़ॉलो करें एवं करवाये तथा एक संगठित समाज का निर्माण करने मे सहयोग करें एवं अपने अगरिया समाज के अस्तित्व को बचाये रखे धर्म परिवर्तन ना करें एवं समाज मे नशा करके ना बैठे, बच्चों को शिक्षित करें, बाल बिवाह ना करें  एवं किसी भी सामाजिक गतिविधियों मे सभी को बच्चों को पढ़ने एवं पढ़ाने हेतु सभी से चर्चा अवश्य करें ऐसा सम्बोधन संचालक जी द्वारा किया गया ll

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